Tp न्यूज़। आज राजस्थान विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक संघ (रुक्टा) राष्ट्रीय के जोधपुर प्रांत के तत्वावधान में नव वर्ष प्रतिपदा के अनुसरण में “भारतीय नववर्ष की वैज्ञानिकता” पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जोधपुर प्रांत के प्रांत संपर्क प्रमुख श्री महेंद्र कुमार दवे एवं कार्यक्रम अध्यक्ष के रूप में राजस्थान विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक संघ रुक्टा राष्ट्रीय के अध्यक्ष डाॅ दीपक शर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ जोधपुर प्रांत के संगठन मंत्री डॉ हरि सिंह राजपुरोहित द्वारा सरस्वती वंदना कर किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में रुक्टा (राष्ट्रीय) के महामंत्री डॉ. सुशील कुमार बिस्सु ने नव वर्ष कार्यक्रम मनाने के उद्देश्य एवं आवश्यकताओं पर संगठन की दृष्टि को सबके सामने प्रस्तुत करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम हमार समाज जागरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। इसे आवश्यक रूप से इकाई स्तर पर हर महाविद्यालय में आयोजित किया जाना चाहिए। कार्यक्रम के आरंभ में प्रदेश संगठन मंत्री डॉ. दिग्विजय सिंह ने अतिथियों का परिचय करवाया।आभासी पटल पर आयोजित इस भारतीय नववर्ष दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री महेंद्र कुमार दवे ने भारतीय काल गणना की विशेषताओं को रेखांकित करते हुए भारतीय नव वर्ष की वैज्ञानिकता को प्रतिपादित किया। उन्होंने कहा की भारतीय नव वर्ष संपूर्ण सृष्टि का नव वर्ष है तथा इसका प्रकृति के साथ भी पूर्णतया सामंजस्य है ।जब प्रकृति में चहुंओर नवीनता और सृजन अंगड़ाई लेता है और उमंग और उल्लास का वातावरण होता है उस समय चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को हमारा भारतीय संवत्सर प्रारंभ होता है काल गणना की दृष्टि से हमारे कालशास्त्रियों ने सूक्ष्म से सूक्ष्म गणनाओं के साथ बृहत् और बृहत्तम गणनाओं को हमारे पंचांग में हमारे काल गणना के तंत्र में समाहित किया है। सूर्य ग्रहण हो अथवा चंद्र ग्रहण भारतीय मनीषा की गणना इतनी सटीक है कि उसमें निमिष भर का अंतर भी नहीं आ पाता है यह हमारी ऋषि परंपरा की परम तपस्या का परिणाम है कि हम आने वाले हजारों वर्षों की गणना आज की तारीख में बिल्कुल सटीक कर पाते हैं और उसमें कोई विचलन भी नहीं होता है अतः सकल भारतीय सुधी समाज को चाहिए कि वे अपने भारतीय नव संवत्सर को अपने व्यवहारिक जीवन में भी उपयोग लेवे तथा दूसरों को भी इस वैज्ञानिक संवत्सर को अपनाने हेतु प्रेरित करें। हमें हमारी महान विरासत का सम्मान स्वयं ही करना होगा उसकी प्रतिष्ठा का दायित्व भी हमारा अपना ही है अतः यह समाज-जागरण कार्य समाज और राष्ट्र में हमें ही करना है।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए रुक्टा राष्ट्रीय के अध्यक्ष डॉ. दीपक शर्मा ने कहा कि हम हमारे सभी धार्मिक और सामाजिक कार्य चाहे वह जन्म हो विवाह हो गृहप्रवेश हो या अन्य मांगलिक कार्य हो हम अपने भारतीय संवत्सर के अनुसार ही कार्य करते हैं तो हमें इसे अपने दैनंदिन जीवन में इसे अपनाने से परहेज क्यों है? हम इस में संकोच की अनुभूति क्यों करते हैं? जो हमारा अपना संवत्सर है जो सर्वथा काल गणना की दृष्टि से वैज्ञानिकता पर आधारित है और सटीक है उसे हमें अपनाना चाहिए और जन-जागरण के माध्यम से संपूर्ण समाज को भी अपनाने हेतु जागृत करने का कार्य करना चाहिए ।कार्यक्रम का संचालन रुक्टा राष्ट्रीय के प्रदेश सह संगठन मंत्री डॉ. रिछपाल सिंह द्वारा किया गया। कार्यक्रम में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के उच्च शिक्षा संवर्ग के संयुक्त सचिव डॉ. नारायण लाल गुप्ता सहित बड़ी संख्या में जोधपुर प्रांत के विविध महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के आचार्य गणों ने सोत्साह भाग लिया। कार्यक्रम का समापन डॉ. अभिषेक वशिष्ठ द्वारा कल्याण मंत्र प्रस्तुत कर किया गया।
Tp न्यूज़ आज रविवार को ग्लोबल सिविल सोसाइटी इंटरनेशनल के नेशनल चेप्टर जीसीएस इंडिया की ओनलाइन मीटिंग आयोजित की गई। मीटिंग की अध्यक्षता नेशनल प्रेसीडेंट नामदेव श्रीगांवकर ने की तथा संचालन नेशनल सेक्रेटरी जनरल तानाजी लोहाकरे ने किया। मीटिंग को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष नामदेव श्रीगांवकर ने कहा कि जीसीएस इंटरनेशनल एक इंटरनेशनल एनजीओ है जो तीन सिद्धांत गुडविल (सद्भावना), कोपरेशन (सहयोग) तथा सर्विस (सेवा) पर आधारित है तथा विश्व में पांच लक्ष्यों पर काम करती है जिसमें स्वस्थ समाज, बेहतर जीवन, प्रकृति संरक्षण, मानवीय गरिमा की बहाली तथा वैश्विक शांति प्रमुख हैं। इसका मुख्यालय दक्षिण कोरिया के सियोल में स्थित है। गत वर्षों में जीसीएस इंटरनेशनल ने सामाजिक सारोकार के अपने उच्चतम स्तर को प्राप्त किया है। जीसीएस इंडिया प्रेसीडेंट ने आगे बताया कि जल्दी ही सामाजिक सारोकार के साथ-साथ नेशनल लेबल पर खेलों की विभिन्न प्रतियोगिताओं खासकर ताईक्वांडो मार्शल आर्ट्स का आयोजन किया जायेगा। सांगठनिक दृष्टि से जिला एवं तहसील स्तर पर प्रसार किया जाएगा।
मीटिंग में विभिन्न राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया जिसमें राजस्थान से देवेन्द्र सारस्वत, गुजरात से गोरांग मेहातरा, महाराष्ट्र से दीपाली ब्राह्मी, चंडीगढ़ से यामिनी गुप्ता, पंजाब से विनोद कुमार एवं नीलम रानी, गोवा से राजू पाटिल, उत्तर प्रदेश से सपना यादव, यमुनानगर से कुलजिंदर कौर शर्मा तथा तमिलनाडु से डाॅ. आर. मुथूराथिनम ने भाग लिया। ग्लोबल सिविल सोसाइटी इंडिया के नेशनल जनरल सेक्रेटरी तानाजी लोहाकरे ने आभार व्यक्त किया।
