





Thar पोस्ट न्यूज। बात उन दिनों की है जब पत्रकारिता का मेरा सफर तेज़ी से आगे बढ़ रहा था। वर्ष 2002 की बात है जब मैं बीकानेर में ही एक प्रेस कांफ्रेंस में था। यह गर्भस्थ शिशु सरंक्षण समिति प्रेस वार्ता थी। वार्ता के बीच संचालक ने यह दावा किया था कि वह लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे। इस बीच एक पत्रकार ने कहा कि बीजेपी से तो चुनाव अभिनेता धर्मेंद्र लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा सवाल ही नही है। संयोग ये रहा कि उसी दिन मुंबई से मेरे एक रिश्तेदार घर आए हुए थे। उन्होंने कहा आपके बीकानेर से तो अभिनेता धर्मेंद्र चुनाव लड़ेंगे। परिवार चर्चा में इसे किसी ने गंभीरता से नहीं लिया, यह वह समय था जब मोबाइल चलन में ही नहीं थे। मैंने कहीं से धर्मेंद्र के ऑफिस के नबर हासिल किए और अगले दिन एसटीडी पीसीओ में संपर्क स्थापित किया। फ़ोन पर सामने से आवाज आई .. मैं उनका पीए बोल रहा हूँ। मैं बोला ‘मैं बीकानेर से रिपोर्टर जितेंद्र व्यास बोल रहा हूँ। सामने से आवाज आई कृपया आप होल्ड रखें। मैं काल फॉरवर्ड कर रहा हूँ। मेरी बात सुनकर कुछ ही क्षणों में सामने से भरी हुई भारी आवाज आई। …हेलो कैसे है आप। अपनी आदत के मुताबिक मैंने सीधा सवाल दागा- आप बीकानेर से चुनाव लड़ेंगे ? अन्य सवाल भी किये फिर सामने से डायलाग वाले अंदाज़ में आवाज आई .. मैं आ रहा हूँ .बीकानेर..। फ़ोन पूरा होने के बाद मैंने सोचा वही आवाज, वही स्टाइल वाला धर्मेंद्र ! एसटीडी वाला बोला 45.75 रुपये का बिल। उस समय यह आज की तुलना में अधिक माना जाता था। आज यह महान अभिनेता व भारतीय फिल्म जगत का ही-मेन हमारे बीच नही है। जो छोड़ गया है एक यादों की बारात। मैं उन चुनींदा पत्रकारों में शामिल रहा । चुनाव के दौरान उनके साथ कवरेज का अवसर भी मिला, उनका साथ मिला। एक अवसर पर मैंने उनसे बीकानेर की समस्याओं पर चर्चा की तो वो बोले-यहाँ राजनीति हर मामले में हावी है यहां की व्यवस्था को ब्रम्हा भी नहीं सुधार सकते। धर्मेंद्र ने कहा था कि यदि चुनाव जीत गया तो सूरसागर की समस्या हल करूंगा। इसके लिए उनके खास प्रयास भी रहे।

