





Thar पोस्ट न्यूज। राजस्थान के जर्जर स्कूलों के दिन फिरेंगे। राज्य में जर्जर स्कूलों की मरम्मत के लिए केंद्र सरकार की 300 करोड़ रुपए की सहायता राशि जारी कर दी है हाईकोर्ट में सरकार के मुख्य सचिव वी श्रीनिवासन ने पिछले दिनों हलफनामा पेश किया था जिसमें यह बताया गया था कि प्रदेश में जर्जर स्कूलों की मरम्मत के लिए केंद्र सरकार ये सहायता मांगी है। सरकार पांच वर्षों में 1.23 लाख स्कूलों के सुधार पर 12,335 करोड़ खर्च करेगी। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद यह कदम उठाया गया।





प्रदेश स्कूलों की खराब हालत को लेकर सरकार को विधानसभा से लेकर हाईकोर्ट तक भारी किरकिरी का सामना करना पड़ा रहा था। पिछले दिनों बाड़मेर के सरकारी स्कूल में पंखा गिरने से दो छात्र घायल भी हो गए थे। इस मामले पर भी हाईकोर्ट ने कड़ा संज्ञान लेते हुए सरकार से जवाब मांगा था। सरकार ने हाईकोर्ट को बताया था कि अगले पांच वर्षों में 1.23 लाख से अधिक जर्जर स्कूल भवनों के सुधार पर 12,335 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। 3,587 जर्जर स्कूल भवनों के स्थान पर नए भवन बनाने के लिए 2,487 करोड़ रुपए खर्च होंगे। वहीं 22,589 भवनों की मरम्मत पर 1,129 करोड़ रुपए, 8.3 लाख से अधिक जर्जर कक्षाओं के स्थान पर नई कक्षाएं बनाने के लिए 8,378 करोड़ रुपए और 13,616 जर्जर शौचालयों के निर्माण व मरम्मत पर 340 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
सरकार ने यह भी बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में 2,021 करोड़ रुपए की लागत से 20,830 स्कूलों पर काम शुरू करने का लक्ष्य रखा है। इसके बाद 2027-28 में 22,917, 2028-29 में 7,626 , 2029-30 में 27,721 और 2030-31 में 30,481 स्कूलों की मरम्मत का कार्य किया जाएगा। जिलावार आंकड़ों में उदयपुर में सबसे अधिक 158 नए स्कूल भवन प्रस्तावित हैं, इसके बाद प्रतापगढ़ (63), बांसवाड़ा (53), डूंगरपुर (36) और डीग (28) शामिल हैं। वहीं मरम्मत कार्य के लिए जयपुर (1,332 स्कूल), जोधपुर (1,091), भीलवाड़ा (1,058) और नागौर (1,036) शीर्ष पर हैं।
फंडिंग के लिए वह विभिन्न स्रोतों से राशि जुटाएगी, जिसमें सर्व शिक्षा अभियान से 2,500 करोड़ रुपए, डीएमएफटी से 1,000 करोड़ रुपए, सांसद-विधायक निधि से 1,000 करोड़ रुपए, विभिन्न योजनाओं व ट्राइबल फंड से 500 करोड़ रुपए, एसडीआरएफ और CSR से 750-750 करोड़ रुपए, वीबीजीआरएएमजी से 2,000 करोड़ रुपए, राज्य बजट से 1,500 करोड़ रुपए और वर्ल्ड बैंक व नाबार्ड से 2,500 करोड़ रुपए शामिल हैं। इसके अलावा केंद्र सरकार से अतिरिक्त सहायता लेने की भी तैयारी है।