Thar पोस्ट। स्कूल शिक्षा परिवार के तत्वाधान में शिक्षकों ने विधायक कार्यालय पहुंचकर विधायक सुमित गोदारा भंवर सिंह भाटी एवं सांसद श्रीमान अर्जुन राम मेघवाल को अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों ने ज्ञापन के जरिए अपने मांग रखते हुए बताया कि सत्र 2020-21 का आरटीई के तहत अध्ययनरत विद्यार्थियों का पुनर्भरण किया जाए। वही बिना परीक्षा व नोड्यूज के किसी भी कक्षा को प्रमोट नहीं किया जाए। कोरोना महिमारी के चलते 11 लाख शिक्षकों व कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई है। यहां तक की उनका परिवार का पालन पोषण करने में भी वे असमर्थ हो गए हैं। स्कूल शिक्षा परिवार के प्रदेश सदस्य मनोज सिंह राजपुरोहित ने बताया कि 24 नवंबर 2020 को सचिवालय में शिक्षा मंत्री से हुई वार्ता में बनी सहमति से रिजर्व फंड राशि अभी तक लौटाई नहीं गई है। जिसे लौटाया जाए। मीडिया प्रभारी सुरेंद्र डागा ने कहा कि राज्य सरकार नई गाइडलाइन तय करे ज़िससे स्कूलों में बच्चे सीमित संख्या में आ सके जिससे कि शिक्षकों व शिक्षकों के परिवार का पालन पोषण चलता रहे। शहर अध्यक्ष सवाई सिंह राजपुरोहित व देहात अध्यक्ष खिया राम सैंन ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षकों की आजीविका बचाने के लिए कुछ कदम उठाने होंगे, वरना कोरोना बीमारी से बचेंगे तो भुखमरी से मर जाएंगे। व कंटेन्मेंट जोन के बाहर के स्कुलों को चलाने की अनुमती मिलनी चाहिये इस पूरे मामले पर लुणकरणसर विधायक श्रीमान सुमित गोदारा ने कहा कि राज्य सरकार को इन लाखों शिक्षकों के बारे में सोचना चाहिए और अपने अहंकार व हठधर्मिता को छोड़कर संवेदनशीलता का परिचय देना चाहिए। सरकार शिक्षकों की समस्याओं का ध्यान में रखते हुए तत्काल समाधान करने का काम करें।
इस अवसर पर प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य श्री मनोज सिंह राजपुरोहित शहर जिला अध्यक्ष श्री सवाई सिंह एवं स्कूल शिक्षा परिवार के मीडिया प्रभारी सुरेंद्र डागा ग्रामीण देहात अध्यक्ष श्री खीयाराम सेन , आनन्द सिंह पंवार , उमाना राम जी , राजेश पुनिया , इन्द्राज प्रजापत, जयप्रकाश जी , भगवाना राम जी, पवन कुमार , रामेश्वर् लाल जी, दमा राम जी ,दिनेश पुरोहित , प्रकाश जी आदि तमाम स्कूलों के संचालकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई एवं अपनी मांगों को रखा।