





Thar पोस्ट न्यूज। राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (राजीविका) के तत्वावधान में ग्रामीण महिला उद्यमिता को नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से ‘राज सखी बीकाणा मेला-2026’ का शुभारंभ गुरुवार को होने जा रहा है। सात दिवसीय मेले का उद्घाटन सायं 4 बजे बीकानेर के जय नारायण व्यास कॉलोनी स्थित ग्रामीण हाट में आयोजित किया जाएगा।
समारोह के मुख्य अतिथि बीकानेर पश्चिम विधायक जेठानंद व्यास होंगे। वे फीता काटकर और दीप प्रज्वलित कर मेले का विधिवत शुभारंभ करेंगे और महिला उद्यमियों का उत्साहवर्धन करेंगे। जिला परियोजना प्रबंधक (राजीविका) दिनेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि मेले में राजस्थान के अलावा अन्य राज्यों के उत्पाद भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे। मेले में लगभग 90 से अधिक स्टॉल्स सजाई गई हैं।
प्रमुख आकर्षण और उत्पाद:
मेले में आने वाले आगंतुकों को एक ही छत के नीचे देश भर की हस्तशिल्प और जायके का आनंद मिलेगा। उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार मेले में हस्तशिल्प और वस्त्र: बाड़मेर की प्रसिद्ध कशीदाकारी और एप्लिक वर्क, कोटा की कोटा डोरिया साड़ियाँ, जयपुर की ब्लू पॉटरी और ज्वेलरी, जैसलमेर के ऊनी शॉल और पट्टू, तथा जम्मू-कश्मीर (बारामुला) और मध्य प्रदेश (टीकमगढ़) के विशेष हस्तशिल्प और खादी उत्पाद आदि विक्रय के लिए उपलब्ध रहेंगे। वहीं बीकानेर के प्रसिद्ध पापड़, बड़ी, भुजिया और नमकीन, अलवर का मावा (मिल्क केक), जोधपुर और नागौर के मिलेट्स (बाजरा) उत्पाद और बिस्कुट, चित्तौड़गढ़ का गुलकंद और गुलाब शर्बत, तथा भरतपुर का अचार आकर्षण के केंद्र होंगे। मेले में लाइव फूड कोर्ट भी रहेगा। जहाँ आगंतुक राजस्थानी दाल-बाटी चूरमा (अजमेर/जोधपुर), छोले-पूरी, फास्ट फूड और पारम्परिक व्यंजनों का लुत्फ उठा सकेंगे। प्रतिदिन शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा, जिसमें लोक नृत्य और संगीत की प्रस्तुतियां दी जाएंगी। साथ ही महिलाओं के लिए रस्सा-कस्सी, मेहंदी और मटका दौड़ जैसी रोमांचक प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी।





उन्होंने बताया कि पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए इस मेले को पूर्णतः ‘प्लास्टिक मुक्त जोन’ रखा गया है। परिसर में प्लास्टिक कैरी बैग का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा और केवल कपड़े या कागज के थैलों का उपयोग किया जाएगा।