





Thar पोस्ट न्यूज। बीकानेर जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित। जिले के समस्त स्कूल संचालकों को निर्धारित नॉर्म्स के अनुसार बाल वाहिनियों का संचालन सुनिश्चित करना होगा। पुलिस और प्रशासन द्वारा शीतकालीन अवकाश के पश्चात विभिन्न विभागों के सहयोग से बाल वाहिनियों के निरीक्षण का सघन अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान किसी प्रकार की कमी पाए जाने पर संबंधित स्कूल संचालक के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी।
जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्रीमती नम्रता वृष्णि की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया।
जिला कलेक्टर ने जिला परिवहन अधिकारी को निर्देश दिए की समस्त बाल वाहिनी संचालकों की बैठक करते हुए उन्हें समस्त निर्धारित नॉर्म्स की जानकारी दी जाए तथा किसी प्रकार की कमी पाई जाने पर शीतकालीन अवकाश तक इन्हें दूर करना सुनिश्चित करें।





इसकी पश्चात विभिन्न विभागों द्वारा सघन अभियान चलाया जाएगा तथा नियमों की अवहेलना करने वाले बाल वाहिनियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने कहा कि निजी स्कूलों द्वारा स्कूल परिसर से बाहर बाल वाहिनी खड़ी नहीं की जाए। साथ ही प्रत्येक विद्यालय संचालक को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि यदि कोई भी विद्यार्थी यदि दुपहिया वाहन लेकर स्कूल आता है, तो वह बिना हेलमेट नहीं आए। यदि ऐसा पाया जाता है तो संबंधित विद्यालय संचालक इसके लिए जिम्मेदार होगा।
जिला कलेक्टर ने पीबीएम और डूंगर कॉलेज के आसपास अवैध कट अविलंब बंद करने, करमीसर से नाल एयरपोर्ट तक रोड लाइट चालू करने, जयपुर रोड पर अतिक्रमण हटाने सहित सड़क सुरक्षा से जुड़े तमाम निर्देशों की अक्षरशः पालना सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के कार्यकाल के 2 वर्ष पूर्ण होने पर चलाए जा रहे सड़क सुरक्षा अभियान का भी प्रभावी संचालन किया जाए तथा नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ कार्यवाही हो। उन्होंने पूर्व में दिए गए निर्देशों की पालना की समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर पाइपलाइन लीकेज के कारण पीडब्ल्यूडी और बीडीए के सड़क से जुड़े कार्य रुके हुए हैं। उन्होंने इस स्थिति को अविलंब सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने पाइपलाइन दुरुस्तीकरण के दौरान क्षतिग्रस्त सड़कों को अविलंब दुरुस्त करने के निर्देश दिए। नई सड़कों की गुणवत्ता की जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध करवाने के लिए पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता को निर्देशित किया।
उन्होंने दुर्घटना संभावित स्थलों पर गति कम करने के लिए सभी रोड ओनिंग एजेंसीज को ट्रांसफर बार मार्किंग एवं रंबल स्ट्रिप बनवाए जाने हेतु निर्देशित किया।
समग्र सड़क सुरक्षा की स्थिति की हुई समीक्षा, विशेषज्ञों ने दिया प्रस्तुतीकरण
बैठक में जिले की समग्र सड़क सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की गई और भविष्य की कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया गया। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा नियुक्त सड़क सुरक्षा परामर्शदाता, एके कंस्ट्रक्शन मैन्युफैक्चरर्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधियों ने जिले में सड़क सुरक्षा उपायों के बारे में बताया। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एवं राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो से प्राप्त पिछले तीन वर्षों के यातायात एवं दुर्घटना आंकड़ों के विश्लेषण पर प्रस्तुतीकरण श्री अतुल कुमार ने दिया। कंपनी के श्री अक्षत सिंघल एवं श्री आशीष सिंघल तथा सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा प्रमाणित सड़क सुरक्षा ऑडिटर उपस्थित रहे। उन्होंने बताया गया कि राष्ट्रीय राजमार्ग-11 के बीकानेर–फलौदी खंड में पिछले तीन वर्षों की सतत एवं केंद्रित कार्यवाही के कारण कोई भी दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट दर्ज नहीं हुआ है। उन्होंने सड़क सुरक्षा को और सुदृढ़ करने के लिए अभियांत्रिकी एवं अधोसंरचना संबंधी सुझाव रखे। इनमें चयनित स्थानों पर वाहन अंडरपास का निर्माण, छह प्रमुख चौराहों का सुधार, बाप एवं कणासर गांव के समीप एलिवेटेड कॉरिडोर का विकास, तथा बीकानेर शहर से बीकानेर हवाई अड्डे तक निरंतर एवं पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था लागू करने के प्रस्ताव शामिल थे।
उन्होंने सड़क सुरक्षा की पाँच स्तंभों पर आधारित समग्र रणनीति-जागरूकता, अभियांत्रिकी सुधार, प्रवर्तन, आपात चिकित्सा देखभाल एवं मानवीय संवेदना प्रस्तुत की गई। जिला कलेक्टर ने स्कूलों और कॉलेजों में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम, संचालित करने के निर्देश दिए।
बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री कावेंद्र सागर, नगर निगम आयुक्त श्री मयंक मनीष, बीकानेर विकास प्राधिकरण आयुक्त श्रीमती अपर्णा गुप्ता, बीडीए के मुख्य अभियंता ललित ओझा, एनएचएआई के परियोजना प्रबंधक पीयूष राजवंशी, पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता ओपी मंडार, अधिशाषी अभियंता डॉ. विमल गहलोत, एनएच के अधीक्षण अभियंता जीएस चौहान सहित शिक्षा, जलदाय, परिवहन आदि विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
[19/12, 8:27 pm] हरिशंकर Pro: सड़क सुरक्षा पखवाड़े के तहत आयोजित हुए कार्यक्रम, बाल वाहिनी संचालकों को दी नियमों की जानकारी, स्वास्थ्य जांच किया
बीकानेर, 19 दिसंबर। राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित हो रहे सड़क सुरक्षा पखवाड़े के तहत शुक्रवार को बेसिक पीजी कॉलेज में बाल वाहिनी चालकों के लिए रोड सेफ्टी सेमिनार, स्वास्थ्य एवं नेत्र जांच शिविर आयोजित आयोजित किया गया।
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी अनिल पंड्या ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार 11 से 25 दिसंबर तक सड़क सुरक्षा पखवाड़ा आयोजित किया जा रहा है। इसके तहत शुक्रवार को आयोजित शिविर में विभिन्न विद्यालयों के बाल वाहिनी चालकों ने भाग लेकर प्रशिक्षण प्राप्त किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती माता की पूजा-अर्चना के साथ किया गया। इस दौरान जिला संजीव चौधरी मौजूद रहे। कॉलेज प्राचार्य डॉ. सुरेश पुरोहित ने बाल वाहिनी चालकों को विद्यालय की महत्वपूर्ण कड़ी बताया तथा नियमों की पालना का संकल्प दिलाया।
प्रादेशिक परिवहन अधिकारी पंड्या ने ऑडियो-विजुअल तकनीक के माध्यम से सड़क सुरक्षा पर प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बाल वाहिनी संचालन के नियमों, वाहन चलाते समय बरती जाने वाली सावधानियों तथा बच्चों की सुरक्षा से जुड़े विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने चालकों को सीटिंग क्षमता से अधिक बच्चों को वाहन में न बैठाने, यातायात नियमों का पूर्ण पालन करने एवं सुरक्षित व जिम्मेदार वाहन संचालन के लिए प्रेरित किया। अनिल पंड्या ने सड़क सुरक्षा के 6 ई मॉडल की जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान चिकित्सा विभाग से डॉ. प्रवीण व्यास के नेतृत्व में चिकित्सा टीम द्वारा बाल वाहिनी चालकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इस दौरान ब्लड प्रेशर, शुगर सहित अन्य जांचें हुई। एएसजी स्पताल से कपिल चौहान के नेतृत्व में टीम द्वारा चालकों की नेत्र संबंधी जांच की गई।
सहायक प्रोग्रामर ज्योति स्वामी ने मंच संचालन किया। इस अवसर पर सांख्यिकी निरीक्षक सुमित अग्रवाल, सहायक प्रोग्रामर राहुल आचार्य एवं दुर्गा शंकर पंवार उपस्थित रहे। उत्कृष्ट विचार व्यक्त करने वाले बाल वाहिनी चालकों कोसम्मानित किया गया। कॉलेज सचिव डॉ. अमित व्यास ने आभार जताया। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों में ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए उपयोगी होंगे।