





Thar पोस्ट न्यूज, बीकानेर। महान क्रान्तिकारी और प्रखर राष्ट्रभक्त विनायक दामोदर सावरकर (वीर सावरकर) की 60वीं पुण्यतिथि पर वीर सावरकर पर्यावरण सेवा समिति द्वारा गुरुवार को एम.एन.अस्पताल के सामने, डॉ. करणी सिंह स्टेडियम के पास, गवर्नमेंट प्रेस रोड़ पर पूर्ण विधि विधान और मंत्रोच्चार के साथ वीर सावरकर की अष्टधातु प्रतिमा का भव्य अनावरण समारोह आयोजित किया गया।





प्रतिमा का अनावरण प्रख्यात कथावाचक साध्वी ऋतंभरा के कर कमलों द्वारा किया गया तथा केन्द्रीय कानून और न्याय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक विनायक जी तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में बीकानेर पूर्व की विधायक सिद्धि कुमारी, वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. सत्यप्रकाश आचार्य तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग संघचालक टेकचंद बरड़िया उपस्थित रहे।
अतिथियों द्वारा रिमोट का बटन दबाकर वीर सावरकर की अष्टधातु प्रतिमा का अनावरण किया गया । अनावरण से पूर्व गुरुवार प्रातःकाल पंडितों की उपस्थिति में विधि विधान के साथ प्रतिमा एवं स्मारक स्थल की पूजा अर्चना की गई।
कार्यक्रम के प्रारंभ में वीर सावरकर पर्यावरण सेवा समिति के संस्थापक सदस्य और पूर्व पार्षद उम्मेद सिंह राजपुरोहित ने अतिथियों का स्वागत करते हुए संस्था द्वारा समाज सेवा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में की जा रही गतिविधियों की जानकारी दी। इस अवसर पर उन्होंने बीकानेर के जय जंगलधर बादशाह महाराजा करण सिंह और राजमाता सुशीला कुमारी जी के योगदान का भी स्मरण किया।
प्रतिमा अनावरणकर्ता कथावाचक साध्वी ऋतंभरा ने अपने उद्बोधन में वीर सावरकर को प्रेरणा विभूति और दुर्लभ राष्ट्रभक्त बताते हुए बीकानेर में उनकी प्रतिमा स्थापना को सच्ची श्रद्धांजलि बताया। उन्होंने सावरकर को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का दैदीप्यमान नक्षत्र बताते हुए इंद्रियों और मन पर नियंत्रण पाने वाले दुर्लभ राष्ट्रभक्त की संज्ञा दी।
उन्होंने कहा कि सावरकर ने सभी को देश, धर्म और संस्कृति के लिए जीना सिखाया और ऐसे शख्स की विचारधारा को को मौत कभी मार नहीं सकती।
उन्होंने युवा शक्ति को वीर सावरकर के व्यक्तित्व से प्रेरणा लेने की बात कहते हुए सभी प्रकार के नशे से दूर रहने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं से शराब और तंबाकू का नशा नहीं कर सावरकर की तरह राष्ट्र भक्ति का नशा करने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने विपक्षी दलों द्वारा वीर सावरकर के विषय में हल्के शब्दों का प्रयोग करने और सदैव उनके प्रतिरोध की निंदा करते हुए स्वतंत्रता संग्राम में सावरकर की महत्वपूर्ण भूमिका एवं सामाजिक समरसता और साक्षरता में उनके योगदान की चर्चा की। इस अवसर पर उन्होंने वीर सावरकर पर झूठी एफआईआर कर प्रताड़ित करने और बाबा साहब भीमराव अंबेडकर द्वारा इस विषय में उनके बचाव पर चर्चा भी की।
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा संसद के सेंट्रल हॉल में सावरकर की मूर्ति की स्थापना तथा बीकानेर में भी उनकी अष्टधातु प्रतिमा की स्थापना की तुलना कर कर इसे ऐतिहासिक पल तथा युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बताया ।
मेघवाल ने सावरकर को प्रखर देशप्रेमी और महान राष्ट्रभक्त बताते हुए कहा कि सत्य पर अड़ने और फिर तपने से ही कोई सावरकर बनता है। उन्होंने कहा कि सावरकर ने जेल में भी सदैव भारतीय संस्कृति का नेतृत्व किया तथा समरसता और साक्षरता की अलख जगाई।
समारोह के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक विनायक जी ने कहा कि वीर सावरकर ने देश,धर्म और संस्कृति के संरक्षण हेतु अपना संपूर्ण जीवन अर्पित कर दिया। दो आजीवन कारावासों के दौरान सेल्यूलर जेल में उन्हें दी गई दुर्दांत यातनाओं की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि सावरकर ने मां भारती को स्वतंत्र करवाने के लिए अपना सर्वस्व बलिदान कर दिया।
विपक्षी दलों पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि वीर सावरकर जैसे महान देशभक्त को गद्दार कहने वाले देश विरोधी लोगों ने आतंकियों के बचाव करने के लिए रात को दो बजे भी सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे तक खुलवा दिए थे।
उन्होंने कहा कि वीर सावरकर ने रत्नागिरी के पतित पावन मंदिर में सामाजिक समरसता की अलख जगाते हुए इसमें हिंदुओं की सभी जातियों का प्रवेश प्रारंभ करवाया। जेल में साक्षरता का प्रसार करते हुए सभी कैदियों को धर्मग्रंथ रखने का अधिकार दिलवाया लेखन और लाइब्रेरी से संबंधित कार्य करवाए और भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु जैसे क्रांतिकारियों के लिए प्रेरणा स्रोत व्यक्तित्व बने।
उन्होंने राष्ट्रीय चरित्र के लिए अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया विदेशी वस्त्रों की होली जलाकर स्वदेशी का प्रचार किया।
बीकानेर पूर्व विधायक सिद्धि कुमारी ने वीर सावरकर को इतिहास पुरुष की संज्ञा देते हुए उनके त्याग और बलिदान को याद किया तथा कहा कि वह देश प्रेम के लिए सदैव मानसिक रूप मजबूत व्यक्तित्व के रूप में खड़े रहे।
विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. सत्यप्रकाश आचार्य और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग संघचालक टेकचंद बरड़िया ने वीर सावरकर के बलिदान को याद करते हुए नागरिकों से सदैव देशहित में कार्य कर जल और पर्यावरण संरक्षण, प्लास्टिक बहिष्कार संकल्प और गौहत्या रोकने का आह्वान किया।
वीर सावरकर पर्यावरण सेवा समिति के संरक्षक नरेंद्र सिंह बीका ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यक्रम का संचालन किशोर सिंह राजपुरोहित और संस्था के अध्यक्ष मदन मोदी ने किया।
इस अवसर पर करणी ट्रेडर्स के भंवरलाल स्वामी और भंवर सिंह बिलोचिया की तरफ से अपने मित्र राजेंद्र राजपुरोहित की स्मृति में पीबीएम नेत्र चिकित्सालय में लगातार निशुल्क काले चश्मे उपलब्ध करवाने का संकल्प लिया गया।
अतिथियों द्वारा निशक्तजन मांगीलाल राजपुरोहित का सम्मान भी किया गया।
समिति के प्रवक्ता और सोशल मीडिया प्रभारी मनीष आचार्य ने बताया कि कार्यक्रम के अंत में साध्वी ऋतंभरा द्वारा खेजड़ी का पेड़ लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी प्रसारित किया गया।
अनावरण समारोह में विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के अध्यक्ष रामगोपाल सुथार, वेटरनरी विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. सुमंत व्यास, ओम सारस्वत, भाजपा जिलाध्यक्ष सुमन छाजेड़ और श्याम पंचारिया, संस्था संरक्षक नरेंद्र सिंह बीका, संस्था अध्यक्ष मदन मोदी, मनीष आचार्य, विजय सिंह पड़िहार, मोहित राजपुरोहित, दुष्यंत चौहान, अजय खत्री, जितेंद्र सिंह राजपुरोहित, कर्नल हेम सिंह, सोहनलाल बैद, अखिलेश प्रताप सिंह, मोहन सुराणा, महावीर रांका, अशोक प्रजापत, अनिल शुक्ला, नारायण चोपड़ा, चंपालाल गेधर, श्याम सिंह हाड़ला, कौशल शर्मा, दिलीप सिंह आडसर, किशोर आचार्य, भगवान सिंह मेड़तिया, संपत पारीक, शिवलाल तेजी, बृजनंदन श्रृंगी, संतोषानंद जी महाराज, पाबूदान सिंह, सोहनलाल प्रजापत,अयूब कायमखानी, मूलचंद सोलंकी, नरसिंह सेवग, सरिता नाहटा, सुधा आचार्य, प्रोमिला गौतम, ओम राजपुरोहित, सोहन उपाध्याय, लक्ष्मण मोदी, कुंदन सोनी, नितिन गोयल सहित बड़ी संख्या में गणमान्यजन एवं मोहल्लेवासी उपस्थित रहे।