





Thar पोस्ट न्यूज (जितेंद्र व्यास)। वर्षों पहले एक फ़िल्म आई थी मनचली। इसमें नायिका लीना चंदावरकर अपनी मनमानी ही करती है चाहे उसे कितना भी नुकसान क्यों ना उठाना पड़े। हालांकि बाद में उसमें बदलाव आता है। बीकानेर की यातायात व्यवस्था भी ‘मनचली’ हो चुकी है। इसका खामियाजा सभी को भुगतना पड़ रहा है। इस मनचली व्यवस्था के चलते कोटगेट व सांखला फाटक व केईएम रोड तथा इससे जुड़े मार्गों पर दिन में अनेक बार जाम लग रहा है। गर्मी व बारिश में लोग इस यातायात व्यवस्था में फंसने के लिए बेबस है। बीकानेर में यातायात की सबसे बड़ी समस्या एक तरफा यातायात व्यवस्था का कड़ाई से पालन नहीं होना है। हालात इस कदर बिगड़ चुके है कि जाम में लोग आगे निकलने के लिए एक दूसरे के साथ गाली गलौच तक करने लगे है। हाल ही में यातायात विभाग ने सांखला फाटक से पहले यातायात पुलिस का मानव होर्डिंग लगाकर भी लोगों को नियमों की पालना करने के लिए कहा है। लेकिन लोग सभी नियमों को ताक में रख रहे है। अब आमने सामने से लोगों की आवाजाही के चलते अनेक बार जाम लग रहे हैं।





चालान की व्यवस्था हो
यातायात विभाग के लिए यह जरूरी हो गया है कि जिस तरह बगैर हेलमेट पर चालान काटे जाते है उसी तरह एक तरफा यातायात नियमों की पालना नहीं करने वालों का भी चालान काटा जाए। जानकारी में रहे कि बीकानेर में रेलवे क्रासिंग समस्या के निदान में अभी भी कई वर्ष लगेंगे। ऐसे में यह जरूरी है कि कोई वैकल्पिक व्यवस्था हो। एक तरफा यातायात व्यवस्था के अलावा कोई विकल्प भी नही है। इसके अलावा यह भी हो सकता है कि तोलियासर भैरवजी की गली के पास व केईएम रोड के सभी वाहनों को रतनबिहारी पार्क में शिफ्ट किया जाए। जस्सूसर गेट चोंखुटी पुलिया व राजीव गांधी मार्ग का इस्तेमाल करने के लिए बाध्य किया जाय। इस बिगड़ी हुई यातायात व्यवस्था का असर इससे जुड़े सभी मार्गो पर हर रोज दिखाई दे रहा है। यदि समय रहते इस दिशा में कोई कार्रवाई नही हुई तो हालात बद से बदतर हो जाएंगे।