Thar पोस्ट। भारतीय जनता पार्टी बीकानेर देहात ने 1975, में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कहने पर धारा 352 के अधीन तत्कालीन राष्ट्रपति फखरूद्दीन अली अहमद ने आपातकाल की घोषणा की। जिसके विरोध भाजपा ने काला दिवस मनाया। भाजपा बीकानेर देहात प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मीडिया को जिलाध्यक्ष ताराचंद सारस्वत विधायक बिहारीलाल बिश्नोई महामंत्री कुम्भाराम सिद्ध जिला मंत्री देवीलाल व संभाग मीडिया प्रभारी मुकेश आचार्य उपस्थित रहे।
मीडिया को संबोधित करते हुए विधायक बिहारीलाल बिश्नोई ने कहा 1975 में कांग्रेस द्वारा आपातकाल लागू किया गया जिसमें जिसमें प्रेस पर रोक लगाई लोगों को जेलों में डाल दिया मुल अधिकारों पर रोक लगाई। बिहार के छात्रों की ओर से शुरू हुआ जेपी आंदोलन 5 जून 1974 के दिन
पटना के गांधी मैदान में संपूर्ण क्रांति में परिवर्तित हो गया। पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में जयप्रकाश नारायण ने संपूर्ण क्रांति का आव्हान किया था। जयप्रकाश नारायण की हुंकार पर नौजवानों का जत्था सड़कों पर
निकल पड़ता था। और कोषाध्यक्ष अशोक जी मेहता को बनाया गया। इस
समिति के गठन के बाद श्रीमती इंदिरा गाँधी को अपनी सत्ता का जाना सुनिश्चित हो गया। इंदिरा जी ने कुर्सी
पर बने रहने के लिए आपातकाल लगाने का अनैतिक निर्णय लिया, ताकि उनके पास मीडिया पर सेंसर लगानेऔर बिना चुनाव कराए सत्ता में रहने और मीसा-डीआईआर के तहत विरोधियों को गिरफ्तार करने जैसी
असीमित शक्तियां बनी रहे।
आपातकाल के दौरान बहुत यातनाएं दी गईं जिसके तहत
26 जून 1975 को जयप्रकाश नारायण, मोरारजी देसाई समेत बड़े नेताओं को गिरफ्तार कर जेल में ठूस
दिया गया। जेल में दिल को दहला देने वाली यातनाएं दी गई इन यातनाओं के दौरान जयप्रकाश जी की किडनी
तक खराब हो गई। जनसंघ एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं को जेल में डाल दिया गया। स्व. अटल
बिहारी जी वाजपेयी, आदरणीय श्री लालकृष्ण जी आडवानी सहित कई कार्यकर्ताओं को बिना कारण के जेल में डाल दिया गया।