Thar पोस्ट न्यूज। मधुमेह रोग में खानपान का खास ध्यान रखना पड़ता है। बदलते समय मे भारत तो अब शुगर रोगियों का हब बन चुका है। गर्मी के दिनों में गन्ने का रस व कई तरह के शेक लिए जाते है लेकिन शुगर रोगियों की सेहत पर क्या असर पड़ता है?

चिकित्सकों के अनुसार चीनी बॉडी में ग्लूकोज बढ़ाने का काम करती है. डायबिटीज के पेशेंट को चीनी युक्त ड्रिंक्स नहीं पीने की सलाह दी जाती है. चीनी की वजह से बॉडी में शुगर लेवल बहुत तेजी से बढ़ सकता है इसलिए बेहतर है कि शुगर पेशेंट गन्ने के जूस, मिल्क शेक आदि से दूरी बनाकर रखें। करीब 240 एमएल गन्ने का जूस लेने पर उसमें चीनी की मात्रा देखी जाए तो 50 ग्राम तक होती है. कैलोरी 183 और फाइबर 13 ग्राम तक पाया जाता है. गन्ने में प्रोटीन और फैट नदारद होता है. जानकारों का कहना है कि 240 एमएल गन्ने का जूस एक कप में आ जाता है. इसमेें चीनी की मात्रा 50 ग्राम यानि 50 ग्राम यानि 12 चम्मच के बराबर होता है. वहीं, अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन का कहना है कि पुरुषों को अधिकतम 9 चम्मच और महिलाओं को 6 चम्मच चीनी खानी चाहिए. इससे अधिक चीनी बहुत नुकसान करती है. जबकि गन्ने के जूस में 12 चम्मच चीनी होती है। कहा भी गया है कि शुगर में मनुष्य निर्मित शुगर चीनी नुकसान पहुंचाती है। प्रकृति में फलों से मिलने वाली चीनी उतना नुकसान नहीं करती। लेकिन चाय, दूध, शेक जूस में घुली सफेद चीनी नुकसान पहुंचाती है।