Thar पोस्ट न्यूज बीकानेर। पवनपुरी साउथ स्थित ब्लू मून चैरिटेबल स्कूल में रोट्रैक्ट क्लब द्वारा सभी विद्यार्थियों को नि:शुल्क यूनिफॉर्म वितरण किया गया।

स्कूल प्रधानाचार्य डॉ.अर्पिता गुप्ता ने कहा कि स्कूल यूनिफॉर्म पहनावे की अपेक्षा व्यक्तित्व को बढ़ावा देती है और रोट्रैक्ट क्लब द्वारा आज हमारे विद्यालय के नन्हे बच्चों को नि:शुल्क यूनिफॉर्म देकर जो खुशी दी है वह अमूल्य है|

इस अवसर पर क्लब अध्यक्ष सुनील शर्मा ने कहा यूनिफॉर्म समानता का प्रतीक और अनुशासन की धार है| आश्लेष अग्रवाल ने कहा समान गणवेश से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है| पीडीआरआर आशीष गुप्ता जी ने कहा विद्यालय व बच्चों की पहचान का आधार होती यूनिफॉर्म| सचिव अनमोल पारेख ने डॉ. गुप्ता द्वारा संचालित चैरिटेबल स्कूल की सराहना करी और आगे भी क्लब द्वारा सहयोग का आश्वासन दिया|
अध्यापिका नीति शर्मा ने क्लब के सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में गौरव चौधरी , स्नेहा शर्मा, सलमा बानो, रुखसार आदि उपस्थित रहे।

रिटायर्ड बैंकर्स का सम्मेलन 4 अगस्त को बीकानेर में-बैनर का किया लोकार्पण

ऑल इंडिया रिटायर्ड बैंक एम्पलाइज एसोसियेशन। राजस्थान स्टेट यूनिट का सम्मेलन 4 अगस्त, 2024 रविवार को प्रातः 11 बजे
शिव मंदिर, जे एन वी कॉलोनी, बीकानेर आहूत किया गया है । सचिव सुनील गुप्ता ने बताया कि राज्य सम्मेलन के बैनर का लोकार्पण एस पी सोबती, के आर उपाध्याय, गौरी शंकर खत्री, आर के शर्मा, रामेश्वर सुथार, आर के श्रीमाली, नलिन सारवाल, सैयद मुश्ताक अली, माणक सुथार, सतेन्द्र शर्मा, डी एल भटेजा की उपस्थिति में किया गया । आर के शर्मा ने बताया कि सम्मेलन में संगठन के प्रदेश भर से जिला इकाइयों के प्रतिनिधि भाग लेंगे । कोषाध्यक्ष आर के श्रीमाली ने बताया कि प्रतिनिधि पंजीकरण शुल्क रू की जानकारी दी।

एक गोल्ड तीन सिल्वर मेडल जीतकर बीकानेर का बढ़ाया मान…
इंटर स्टेट कराटे चैम्पियनशिप में जीते 04 मेडल…

बीकानेर। श्रीगंगानगर की नई धानमंडी स्थित श्रीगंगानगर ट्रेडर्स एसोसिएशन इंडो हाॅल में आयोजित इंटर स्टेट कराटे चैम्पियनशिप में बीकानेर जिले के खिलाड़ियों ने 01 गोल्ड व 03 सिल्वर सहित कुल 04 मेडल जीतकर बीकानेर का मान बढ़ाया है।
सेंसई अरुण चांवरिया ने बताया कि श्रीगंगानगर में हुई इंटर स्टेट कराटे चैम्पियनशिप में 300 से अधिक जुनियर व सीनियर खिलाड़ियों ने प्रतिभागिता निभाई। बीकानेर जिले की अलंकार्स एकेडमी के योहान ने गोल्ड मेडल जीता वहीं अनमोल, रेयांश तथा नेवेध्या ने सिल्वर मेडल जीतकर बीकानेर जिले का नाम बढ़ाया। विजेता खिलाड़ियों के बीकानेर पहुंचने पर अलंकार्स एकेडमी के संस्थापक सदस्यों ने माला पहनाकर स्वागत अभिनंदन किया।

प्रेमचंद निर्भीक लेखक थे उस दौर में ब्रिटिश शासन के काले कानूनो के विरुद्ध कलम चलाई
Thar पोस्ट। बीकानेर/ नवकिरण सृजन मंच के तत्वावधान में मुंशी प्रेमचंद जयंती का आयोजन किया गया । जयंती समारोह के मुख्य अतिथि साहित्यकार कवि-कथाकार राजेन्द्र जोशी थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता व्यंगकार-सम्पादक डॉ. अजय जोशी ने की। विशिष्ट अतिथि साहित्यकार राजाराम स्वर्णकार रहे ।
कार्यक्रम के प्रारंभ में नव किरण साहित्य मंच की निदेशक कवियत्री यामिनी जोशी ने स्वागत उद्बोधन देते हुए प्रेमचंद पर अपनी स्वरचित कविता प्रस्तुत की।


मुख्य अतिथि राजेन्द्र जोशी ने कहा की प्रेमचंद का साहित्य समाज को नई दिशा देते हुए आज भी प्रसांगिक बना हुआ है। उन्होंने कहा कि मनुष्य के दर्द की अभिव्यक्ति जिसे कैद किया गया उसे प्रेमचंद के कालजयी साहित्य ने मुक्त करवाया था। जोशी ने कहा कि जातिवाद की भावना, सांप्रदायिकता, ऊँच-नीच का भेद और शोषण के विरुद्ध प्रेमचंद ने अपनी रचनाओं के माध्यम से आमजन को जागरूक करने का काम किया। उन्होंने कहा कि प्रेमचंद निर्भीक लेखक थे उस दौर में ब्रिटिश शासन के काले कानूनो के विरुद्ध कलम चलाई।
अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. अजय जोशी ने कहा की प्रेमचंद को किसी जाति, धर्म, संप्रदाय के लेखक के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

मनुष्यता को पहचान दिलाने का प्रमुख काम किया। जोशी ने कहा कि मुंशी जी का साहित्य समाज को नई दिशा एवं दशा देने वाला रहा है।
विशिष्ट अतिथि राजाराम स्वर्णकार ने प्रेमचंद के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से पत्र -वाचन करते हुए कहा कि प्रेमचंद प्रारंभ में महात्मा गांधी से प्रभावित हुए, फिर विमुख हुए उसके बाद गोदान के माध्यम से किसान के शोषण और दुर्दशा का चित्रण पाठकों के सामने रखा। स्वर्णकार ने कहा कि मुंशी प्रेमचंद ने यथार्थ को रेखांकित किया। प्रारंभ में मुंशी प्रेमचंद के तेल चित्र पर उपस्थित साहित्यकारों एवं साहित्य अनुरागियों ने पुष्पांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम का संचालन विष्णु शर्मा ने किया ।


प्रेमचंद भारतीय मन के कुशल चितेरे थे-रंगा

प्रज्ञालय संस्थान के नत्थूसर गेट बाहर स्थित लक्ष्मीनारायण रंगा सृजन सदन में आज प्रातः एक परिसंवाद ‘प्रेमचंद की प्रासंगिकता’ छात्र/छात्राओं के बीच में रखा गया।
परिसंवाद की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार कमल रंगा ने कहा कि प्रेमचंद की हर रचना आज भी प्रासंगिक है, और समय के सच को बयां करती है। प्रेमचंद भारतीय मन के कुशल चितेरे थे। उन्होंने हमेशा सामाजिक सरोकार को आगे रखा।

प्रेमचंद आजादी से पहले समाज और अंग्रेजी शासन के खिलाफ लिख रहे थे। उन्होंने जनता के शोषण दुःख-दर्द और उत्पीड़न को बहुत सूक्ष्म तरीके से महसूस किया। और उसे अपने सृजन में ढाला।

वरिष्ठ शिक्षाविद् राजेश रंगा ने उनकी चर्चित कहानी ईदगाह का वाचन किया। उन्होने कहा कि वे बहु-आयामी प्रतिभा के धनी थे। प्रेमचंद प्रारंभिक दौर में सभी उपन्यास उर्दू में लिखे। जिनका हिन्दी अनुवाद हुआ। उनका 1918 में लिखा गया उपन्यास जिसे उन्होने पहले बाज़ारे हुस्न नाम से उर्दू में लिखा।


करूणा क्लब के हरिनारायण आचार्य ने इसी सेवासदन में बारे में अपनी बात रखते हुए कहा कि इस उपन्यास के माध्यम से प्रेमचंद ने भारतीय नारी की पराधीनता की समस्या को सामने रखा तो वरिष्ठ शिक्षाविद् राजेश रंगा ने ‘ठाकुर का कुआ’ कहानी के माध्यम से छुआछुत और ऊंच-नीच पर चर्चा की। वहीं किसान के जीवन पर आधारित उपन्यास प्रेमाश्रम के बारे में बताया।
भवानी सिंह ने परिसंवाद में भाग लेते हुए प्रेमचंद के बहुचर्चित उपन्यास ‘गोदान’ के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि इस उपन्यास ने भारतीय उपन्यास परंपरा की दिशा बदल दी थी।


परिसंवाद में सहभागियों के साथ कई छात्र/छात्राओं ने भी मुंशी प्रेमचंद के प्रति अपनी जिज्ञासा रखी, और बच्चों द्वारा ईदगाह कहानी चाव से सुनी गई। परिसंवाद का संचालन संस्कृतिकर्मी आशीष रंगा ने किया एवं सभी का आभार सुनील व्यास ने ज्ञापित किया।