Thar पोस्ट, बीकानेर। अब स्कूलों में प्रवेश के लिए सीधे प्रवेश होगा, TC की जरूरत नहीं होगी। राजस्थान के किसी भी स्कूल में अब एडमिशन के लिए ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) की अनिवार्यता नहीं होगी। न सिर्फ TC बल्कि किसी अन्य डॉक्यूमेंट के बिना भी स्कूल में एडमिशन मिल जायेगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सौरभ स्वामी की ओर से बुधवार देर शाम जारी किए इस आदेश के बाद प्राइवेट स्कूल्स के संचालकों में हड़कंप मच गया है। दरअसल, प्राइवेट स्कूल को भय है कि बिना फीस जमा कराये ही उनके स्टूडेंट्स अब दूसरे निजी या सरकारी स्कूल में चले जायेंगे। ऐसे में फीस के बकाया रुपए डूबने तय हैं।
दरअसल, माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने अपने आदेश में कक्षा एक से आठ तक के स्टूडेंट्स को बिना TC और अन्य दस्तावेजों के बिना ही अस्थायी प्रवेश देने के आदेश दिए हैं। इस आदेश में शिक्षा का अधिकार कानून (RTE) का हवाला देते हुए बच्चों को औपचारिक शिक्षा से जोड़ने की बात कही गई है। आमतौर पर स्कूल नहीं जाने वाले स्टूडेंट्स को औपचारिक शिक्षा से जोड़ने के लिए बिना TC व डोक्यूमेंट के प्रवेश का प्रावधान है। इसी का लाभ उठाकर कई बार गार्जन फर्जी शपथ पत्र देकर न सिर्फ क्लास जंप कर जाते हैं बल्कि पुरानी स्कूल को फीस न देकर बिना TC भी एडमिशन ले लेते हैं।
अब शिक्षा निदेशालय ने जो आदेश जारी किया है, उसे लेकर प्राइवेट स्कूल संचालक विरोध दर्ज करा रहे हैं। उनका आरोप है कि इससे शिक्षा विभाग सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। शिक्षा विभाग प्राइवेट स्कूुल्स को अपना मानते ही नहीं है। प्राइवेट स्कूल्स के संगठन स्कूल शिक्षा परिवार के संयोजक अनिल शर्मा ने एक ऑडियो संदेश जारी करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। संगठन ने राज्यपाल कलराज मिश्र को ज्ञापन देकर सात दिवस के भीतर इस आदेश को वापस लेने की मांग की है। चेतावनी दी गई है कि अगर आदेश वापस नहीं लिया गया तो सात दिन बाद राजभवन का घेराव किया जायेगा।