एसपी मेडिकल कॉलेज में देहदान
Thar पोस्ट, न्यूज। सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं नियंत्रक डॉ. गुंजन सोनी द्वारा मेडिकल कॉलेज में अध्ययरत विद्यार्थियों के शोध हेतु देहदान करने को लेकर सर्व समाज में जागरूकता बढ़ाने को लेकर अथक प्रयास किये जा रहे हैं, इस क्रम में मंगलवार को श्रीमती शकुंतला देवी के निधन के पश्चात उनके परिजनों ने मेडिकल कॉलेज के एनाटोमी विभाग में उनकी पार्थिव देह दान कर एक सकारात्मक संदेश सर्व समाज को दिया है। उल्लेखनीय है कि स्मृतिशेष शकुंतला देवी सामाजिक कार्यों में सक्रिय संस्था सर्व मानव कल्याण समिति की संरक्षक थी। डॉ. रेखा आचार्य ने दिवंगत आत्मा को पुष्पांजलि अर्पित कर शकुंतला देवी के परिजनों को दुःख की घड़ी में ढांढ़स बंधाया, आचार्य ने कहा कि समाज को बेहतर डॉक्टर प्रदान करने के लिए देहदान को लेकर सर्व समाज को जागरूक होना चाहिए।इस दौरान अतिरिक्त प्राचार्य डॉ. रेखा आचार्य, डॉ राकेश मणि, डॉ राकेश रावत, डॉ कविता पाहुजा, डॉ गीता, डॉ जसकरण सिंह , डॉ कालूराम मीणा,डॉ खुशबू जोशी, डॉ कौशल रंगा सहित एनाटोमी विभाग के समस्त कार्मिक एवं यूआईटी सचिव यशपाल आहूजा, सोहन सिंह मान, अनिल अग्रवाल उपस्थित रहे ।
पीबीएम कैंसर विभाग की उपलब्धि : चिंरजीवी योजना तहत अब खुर्शीद के आहार नली का हुआ सफल एवं निःशुल्क ऑपरेशन
आचार्य तुलसी क्षेत्रीय कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केन्द्र संबंद्ध सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज में मरीज खुर्शीद के चिंरजीवी योजना के अंतर्गत आहार नली का सफल ऑपरेशन डॉ. संदीप गुप्ता द्वारा किया गया है। 47 वर्षीय खुर्शीद का खाना पीना पूर्णत बंद हो चुका था, साथ ही मरीज का वजन लगातार गिरता जा रहा था। वरिष्ठ आचार्य एवं कैंसर सर्जन डॉ. संदीप गुप्ता ने बताया कि मरीज का पहले से कीमोथैरेपी उपचार जारी है, इससे शुरूआत में मरीज को थोडा फायदा हुआ लेकिन बाद में खाना पीना पूर्णत बंद होने लगा। जांच कराने पर पता चला की मरीज की आहार नली के निचले हिस्से मे बड़ी गांठ बन चुकी है एवं आहार नली का रस्ता पूर्णत बंद हो चुका है। ऐसे मे सभी जांचे करवाने के बाद मरीज के ऑपरेशन करने का निर्णय लिया गया। प्रधानाचार्य एवं नियंत्रक डॉ. गुंजन सोनी ने जानकारी देते हुए कहा कि डॉ. गुप्ता की टीम ने करीब सात घंटे तक जटील ऑपरेशन करके सफलता अर्जित की। डॉ. संदीप गुप्ता के मुताबिक ऑपरेशन काफी जटिल था, इसोफेगस के निचले हिस्से में बड़ी गांठ थी जो डायाफ्राम एवं फेफडे के निचले हिस्से से जुड़ चुकी थी। मरीज के पूरे इसोफेगस को डायाफ्राम के हिस्से के साथ, फेफडे, लीवर, मुख्य धमनी, हार्ट से अलग करके पूर्णतः सफलतापूर्वक निकाला गया।
उल्लेखनीय है की पीबीएम अस्पताल में अब तक करीब 60 से ज्यादा इसोफेजेक्टोमी के सफल ऑपरेशन किये जा चुके है जिसमें राजस्थान, पंजाब, यूपी, हरियाणा के मरीज शामिल है।आचार्य तुलसी क्षेत्रीय कैंसर चिकित्सालय एवं अनुसंधान केन्द्र के निदेशक डॉ. एच.एस. कुमार ने बताया कि राजस्थान का एक मात्र क्षेत्रीय कैंसर सेंटर है जहां कैंसर के सभी बड़ें ऑपरेशन चिंरजीवी तथा आरजीएचएस योजना के तहत पूर्णतया निःशुल्क किये जाते है।
ये रहे डॉ. संदीप गुप्ता की टीम में शामिल
डॉ. सोनाली धवन, डॉ. अनिशा, डॉ. पीयूष, डॉ. विनय, डॉ. शिवा, डॉ. ऋचा , नर्सिंग स्टाफ महेन्द्र, संजय, अभिलाषा, ओटी स्टाफ संतोष तंवर, कृष्णा स्वामी व संजय बाबू आदि ने इस जटील ऑपरेशन के तहत अपना सहयोग प्रदान किया।