Thar posts, राजस्थान। अब प्रदेश में रीट व अन्य परीक्षाओं में नकल के मामले में गहलोत सरकार कानून में बदलाव करने जा रही है। इसमें भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी रोकने के लिए सख्त सजा के प्रावधान किए जाएंगे। इसके बाद परीक्षाओं में पेपर लीक करने, नकल करने और नकल करवाने में सहयोग करने पर 7 साल की सजा का प्रावधान होगा। अब तक इस तरह के अपराध के लिए 3 साल की सजा का प्रावधान है। अब भर्ती परीक्षाओं में अनुचित साधनों के प्रयोग को संज्ञेय अपराध के साथ ही इसे गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में शामिल किया जाएगा। रविवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गृह विभाग के अधिकारियों के साथ मीटिंग में यह फैसला लिया।मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि भविष्य में होने वाली सभी भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी होने पर लिप्त पाए गए सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे दोषी सरकारी कर्मचारियों को राज्य सरकार सेवा से ही बर्खास्त करेगी। साथ ही, किसी निजी शिक्षण संस्थान से जुड़े व्यक्ति की किसी गड़बड़ी में लिप्तता पाई जाने पर संबंधित संस्थान की मान्यता स्थायी रूप से समाप्त कर दी जाएगी।

पटवारी व आरएएस प्री परीक्षा में अभ्यर्थियों को नि:शुल्क यात्रा

सीएम गहलोत ने बैठक में कहा कि रीट-2021 की तरह ही अक्टूबर माह में होने वाली पटवारी भर्ती परीक्षा व इसके बाद RAS प्रारंभिक परीक्षा के सभी अभ्यर्थियों को नि:शुल्क यात्रा की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि दोनों परीक्षाओं के अभ्यर्थियों को नि:शुल्क यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए रोडवेज बसों के अलावा पर्याप्त संख्या में निजी बसों की व्यवस्था की जाएगी। सीएम ने इस संबंध में व्यवस्थाओं के लिए प्रमुख सचिव परिवहन को निर्देश दिए।