





Thar पोस्ट न्यूज। नेपाल में युवाओं का आक्रोश फुट पड़ा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर रोक लगाए जाने के बाद सोमवार को राजधानी काठमांडू घाटी सहित देश भर के कई शहरों में गुस्साए युवा विरोध प्रदर्शन करते हुए नेपाल की संसद में घुस गए। नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने युवाओं के प्रदर्शन पर चेतावनी देते हुए कहा है कि उन्हें मालूम होना चाहिए कि प्रदर्शन की क्या कीमत चुकानी पड़ती है।





नेपाली अखबार द हिमालयन के मुताबिक, नेपाल की सरकार ने कहा है कि सोशल मीडिया पर लगे बैन को तब हटाया जाएगा जब फेसबुक, यूट्यूब सरीखे कंपनियां नेपाल में अपना दफ्तर नहीं खोल लेती हैं। Gen-Z यानी जेनरेशन Z उन लोगों के लिए इस्तेमाल होता है जो लगभग 1997 से 2012 के बीच पैदा हुए हैं। यह पीढ़ी डिजिटल तकनीक, इंटरनेट और सोशल मीडिया के युग में बड़ी हुई है, इसलिए इसे ‘डिजिटल नेटिव्स’ भी कहा जाता है।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बैरिकेड्स तोड़कर और गेट फांदकर न्यू बानेश्वर स्थित संघीय संसद परिसर में धावा बोल दिया। प्रदर्शनकारियों ने पहले शांति बनाए रखने का संकल्प लिया था, लेकिन पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस और पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया। इसके बाद हालात बेकाबू हो गए। प्रधानमंत्री केपी ओली की सरकार ने चार सितंबर को फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, वॉट्सऐप, रेडिट और X जैसे 26 सोशल मीडिया ऐप्स पर बैन लगा दिया था।