Thar पोस्ट न्यूज़। बीकानेर शहर में भुट्टों का चौराहा पर एक सैनिक परिवार आधी शताब्दी से रह रहा है। लेकिन अब परिवार के 93 वर्षीय सेनि कर्नल सुगन सिंह अपनी बुजुर्ग पत्नी के साथ मकान में ही कैद होने के लिये मजबूर है। मकान के बाहर आने जाने का रास्ता लगभग बंद कर दिया गया है। देश की खातिर गोलियों से सामना करने वाला परिवार अब छोटी सी बात को लेकर प्रशासन से संघर्ष कर रहा है। सैनिक परिवार के 93 वर्षीय कर्नल सुगन सिंह के पुत्र सेनि कर्नल शिवराज सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि उनके दादा भी मेजर थे। 1952 में राष्ट्रपति राजेन्द्र प्रसाद थे तब तत्कालीन महाराजा शूटर करणीसिंह जी के एडीजी पद पर रहे। कर्नल सुगन सिंह जी को स्वयं सम्मानित किया था। हमारे मकान के दोनों दरवाजों के आगे इस 1 जुलाई को सड़क के किनारे नाला सफाई के नाम पर चेंबर को खोल दिया गया। इतना ही नहीं उनके मकान के दोनों दरवाजों के सामने चेंबर खोल दिए व सड़क खोद दी गई है। उसके बाद उनके मकान से आगे 2-3 और मकान और दुकानों के आगे तक पूरी सड़क को खोद कर रख दिया गया। अब स्थिति यह हो गई कि यह सैनिक परिवार बाहर बमुश्किल निकल पा रहा है और भीतर जाना भी किसी खतरे से कम नहीं है। चैम्बर खुला होने से सड़ांध भी फैल रही है। यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आन्दोलन किया जाएगा।
इस समस्या के चलते 93 वर्षीय कर्नल दंपती चलने से लाचार है वाहन पर बाहर नहीं निकल पा रहे। जबकि उन्हें हफ्ते – 10 दिन में अपने स्वास्थ्य की जांच करवाने सैनिक अस्पताल जाना पड़ता है।
