Thar पोस्ट न्यूज। बीकानेर में आज हुई एक प्रेस वार्ता में राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य मकसूद अहमद व ओबीसी प्रकोष्ठ के सचिव मनोज चौधरी ने कहा कि जनता अनेक समस्याओं से त्रस्त आ चुकी है और विधायक चैन की बंसी बजा रहे हैं ? ऐसा लग रहा है कि बीकानेर में राजनैतिक शून्यता आ गई है और शहर नेतृत्वविहीन हो गया है और यह सब उस दौर में हो रहा है जब बीकानेर का प्रतिनिधत्व केन्द्र सरकार में भी है और जिले के विधायक राज्य सरकार में भी हिस्सेदारी ले रहे है। मकसूद अहमद ने मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि बीकानेर पूर्व और पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में आज सडको और नालियों की हालत खराब है। पूरा शहर खुदा हुआ पडा है और जगह जगह सडके टूटी हुई है। सबने देखा है कि बारिश के मौसम में क्या हालात थे। टूटी हुई सडकों के कारण कई छोटे छोटे एक्सीडेंट हुए हैं और बुजुर्गों बच्चों को परेशानी हुई है। गडडों के कारण पानी का भराव हुआ है और लोगों के घरों में और अण्डरग्राउण्ड में पानी भर गया था। इतना सब होने के बावजूद भी प्रशासन का ध्यान इस ओर नहीं है। अनेक मुद्दों को लेकर 4 सितंबर को जिला प्रशासन को ज्ञापन देंगे।

सीवर लाइन का कार्य पिछले दो 2025 बरसों से कछुए की चाल से आगे बढ़ रहा है। नोयडा की कम्पनी टेक्नोक्राफट को 250 करोड का यह कार्य दिया गया था जो कि 2025 तक पूरा होना था लेकिन वो आज दिनांक तक पूरा नहीं हुआ है। इस प्रोजेक्ट में डीपीआर बनाते समय बडी चूक हुई है। नई डीपीआर लगभग 150 किलोमीटर की बनाई जानी चाहिए थी जिस पर रगभग 600 करोड खर्च आता कम बजट के कारण अभी तक 70 किलोमीटर शिविर का भी नहीं हो पाया है। काफी क्षेत्रों में पुरानी सीवर लाइन जर्जर अवस्था में है और उसका भी कोई समाधान नहीं हो पाया है।

बीकानेर में विवेकानंद मार्ग पर किसी समय ऐतिहासिक जेल थी जो कालांतर में हटा दी गई। आज भी वह जमीन खाली पड़ी है और 2025 असामाजिक तत्वों का जमावडा वहां होता है। हम आपको बताना चाहते हैं कि इस जेल में बीकानेर के स्वतंत्रता सेनानियों ने भी काफी समय निकाला है। देश की आजादी की लडाई के समय आजादी के परवानों को पकड कर इसी जेल में रखा जाता था। हमारे स्वतंत्रता सेनानियों का यह यातना स्थल आज तीर्थ की तरह है और इसका ऐतिहासिक तथा सांस्कृतिक महत्व है।

बीकानेर शहर लाईट कटौती से भयंकर परेशान है। मनमर्जी की लाइट कटौती ने गर्मी के इस मौसम में शहर के हालात खराब कर रखे है। इन मनमानी कटौती से बुजुर्गों बच्चों सहित मरीजों को भयंकर परेशानी का सामना करना पड रहा है। बीकेईएसएल कम्पनी को जबसे शहर की बिजली सप्लाई का काम दिया गया है तब से यह परेशानी बनी हुई है। कम्पनी प्रतिदिन शहर के विभिन्न क्षेत्रो में लाईन रखरखाव व मेंटीनेंस के नाम पर कटौती करती है। इसके बावजूद प्रतिदिन की अघोषित कटौती समझ से बाहर है। कम्पनी को शिकायत करने पर जबाब मिलता है कि मेंटीनेंस का काम चल रहा है। होली, दिपावली, ईद, मोहर्रम सहित सभी धर्मों के समस्त त्योहारों पर बिजली की कटौती ने बीकानेर में बिजली कटौती का इतिहास बनाया है। हमारी मांग है कि जिला प्रशासन इस ओर ध्यान दे और इस बिजली की अनियमित कटौती को बंद करवाकर शहर को इस समस्या से निजात दिलवाई जाए।

बीकानेर में चौखूंटी के दोनों तरफ सड़क की हालत खराब है। आपसे मांग है कि इस पुलिया के दोनों तरफ सडक निर्माण करवाया जाए और कर्बला के पास अंडर ब्रिज का निर्माण करवाया जाए।

  1. बीकानेर में ट्रैफिक की समस्या भयंकर है। बिना नियम कानून के सडकों पर बेपरवाह दौडते वाहन आए दिन दुर्घटना का कारण बन रहे है। इस समस्या से शहर को निजात दिलवाई जाए। एक तरफा रास्ते का सख्ती से पालन किया जाए। जगह जगह पाईट बनाकर शहर की इस व्यवस्था को सही किया जाए।
  2. बीकानेर शहर में आवारा पशु बडी समस्या बन चुके है। इन आवारा पशुओं के कारण लोगों की जान तक गई है इसके बावजूद प्रशासन मौन है। भीडभाड के ईलाकों जैसे केईएम रोड, कोटगेट, स्टेशन रोड, मोहता चौक, जस्सूसर गेट, नत्थूसर गेट, गोगागेट, शीतला गेट सहित समस्त शहर आवारा पशुओं की समस्या से त्रस्त है। आपसे निवेदन है कि आवरा पशुओं को पकड कर शहर से दूर छोडा जाए ताकि वो वापस आ न सके। होता यह है कि इनको शहर के आसपास छोड दिया जाता है और वे वापस शहर में आ जाते हैं। नंदीशालाओं के हालात खराब है उनको सुधारा जाए और इन पशुओं को वहीं भी छोडा जा सकता है।
  3. बीकानेर अब बीडीए बन चुका है। ऐसे में शहर का विकास होना लाजमी है। पत्थर मंडी, आतिश मार्केट, मिल्कमेन कोलोनी जैसे कई प्रोजेक्ट पूर्ववर्ती सरकार के समय बन चुके हैं और स्वीकृत भी हो चुके है परंतु उन पर कोई कार्य अभी तक नहीं हुआ है। आपसे मांग है कि न्यू बीकाणा सीटी का निर्माण वर्षों से वीरान पड़ी आईजीएनपी पर करे।