Thar पोस्ट, न्यूज। बीकानेर एक अलग ही रंगत वाला शहर है। धर्मनगरी, मेले-मगरियो व तीज त्योहारों में जीने वाले इस शहर का अपना मिज़ाज ही इसे दूसरे शहरों से अलग पहचान देता है। बीकानेर में जाया जन्मा व्यक्ति बड़े शहरों में जाकर चाहे कितनी ही उपलब्धियां हासिल कर ले लेकिन बीकानेर की कशिश उसे यहां खींच लाती है। बाहर रहकर भी उसका मन यही रमता है। बीकानेर की पहचान यहां के लोगों से ही नहीं बल्कि यहाँ के इलाकों से भी है। बीकानेर के अनेक इलाकों के नाम किस्से, कहानियों के अलावा सरकारी फाइलों व दस्तावेजों में भी शुमार है। ये सर्वाधिक लोकप्रिय : बीकानेर में जब भी सरकारी स्तर पर या यातायात व्यवस्था के लिए प्लानिंग होती है तो एक नाम प्रमुखता से आता है- प्रेमजी प्वाइंट -दरअसल यह नाम एक लोकप्रिय पान की दुकान प्रेमजी पान की वजह से मशहूर होता गया। यह नाम दशकों बाद भी लोगों की जुबां पर है। कहते है यहाँ एक समय मे पान के शौकीनों को पान के लिए इंतज़ार करना पड़ता था। सांखला फाटक : केसर पिस्ता कुल्फी का जिक्र हो तो सांखला केसर कुल्फी का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। यह नाम इन दिनों से ही नही बल्कि दशकों से रेल क्रासिंग समस्या के चलते भी सरकारी कागज़ों में तैर रहा है। इसके अलावा जब भी कोई सरकारी स्तर पर प्लानिंग होती है तो इसका जिक्र आता है। इस तरह एक आइस क्रीम की दुकान दशकों बाद भी लोकप्रिय है। नदी के भी जलवे: बीकानेर जैसे रेगिस्तान में नदी ? यहां एक ऐसे इलाके का जिक्र है जो कास नदी के नाम से फेमस है। भीतरी परकोटे में नत्थूसर गेट से पहले यह इलाका आता है। शहर में सड़क निर्माण या अन्य कोई सामाजिक वैवाहिक कार्य हो तो इसका जिक्र जरूर आता है। सट्टा बाजार: इस अलबेले शहर की बात निराली है। सट्टे से कोई लेना देना नही है लेकिन इस इलाके के नाम है सट्टा बाजार। यहाँ दिनभर खरीदारों की रेलमपेल रहती है। लोगों की जुबान पर भी यह नाम आम है कोटगेट सट्टा बाजार। चाय पट्टी : सुबह होने के साथ ही यहां खाने पीने वालों का पहुंचना शुरू हो जाता है। लज़ीज़ पराठों के साथ मिठाई, नमकीन व चाय की चुस्कियां यहां दिनभर चलती है। बीकानेर शहर के साथ देश विदेश के बारे में यहां चर्चाओं का बाज़ार गरम रहता है। चुनाव के दिनों में किसका पलड़ा भारी है इसकी जानकारी यहां सबसे पहले मिलती है। इसी तरह सोनगिरि कुआ, अलखसागर रोड, चौतीना कुआ सहित अनेकों नाम बीकानेर में है जो दशकों बाद भी लोगों की जुबां पर है : जितेंद्र व्यास