Thar पोस्ट, न्यूज। हवाई चप्पल का हवा से कोई लेना देना नहीं है, लेकिन यह हवाई चप्पल कहलाती है। फुटवियर की दुकान पर भी हवाई चप्पल अक्सर सुनाई देता है। यदि आप हवाई जहाज की बात करेंगे तो हवा में उड़ने वाला जहाज याद आएगा, पनडुब्बी की बात होगी तो पानी में डूबी हुई कोई चीज़ ध्यान में आएगी, लेकिन पैरों में पहनी जाने वाली चप्पल आखिर हवाई कैसे हो गई? इसके भी कुछ रोचक किस्से हैं। हवाई द्वीप के नाम पर पड़ा नाम :
इतिहासकारों की मानें तो हवाई चप्पल का नाम भारत नहीं, बल्कि सात समंदर दूर अमेरिका से जुड़ा हुआ है. दरअसल अमेरिका में एक आइलैंड है, जिसका नाम हवाई है. यहां एक खास किस्म का पेड़ मिलता है, जिसे टी के नाम से जाना जाता है. पेड़ का नाम भले ही टी है, लेकिन इससे एक रबर जैसा फैब्रिक बनता है. इसी लचीले फैब्रिक से चप्पलें बनाई जाती हैं. इस तरह जो चप्पल बनकर बनकर तैयार होती हैं, वही हवाई में तैयार हवाई चप्पल हैं.हवाई चप्पल का इतिहास इतना ही नहीं है. कहा जाता है कि जिस डिज़ाइन की चप्पलें पहनी जाती हैं, वे पहले जापान में पहनी जाती थीं, जिन्हें जोरी कहा जाता था. इसके पीछे भी कहानी बताई जाती है कि हवाई आइलैंड पर काम करने के लिए जापानी मजदूरों को ले जाया गया और वे उधर से यही चप्पलें पहनकर लौटे. फिर इन्हीं चप्पलों के डिजाइन जापानी चप्पलों में भी अपनाए गए।