





Thar पोस्ट। भारत मे मधुमेह के रोगियों की संख्या में तेज़ी से इजाफ़ा हो रहा है। बदलती जीवन शैली व परिवेश भी इसके प्रमुख कारक है। लेकिन अपनी डाइट में बदलाव कर इसके असर से बचा जा सकता है। ब्लड शुगर को नॉर्मल करना चाहते हैं तो गेहूं का आटा बेसन मिलाकर उसकी रोटी बनाकर खाएं। आटे में बेसन मिलाने से आटे का स्वाद बढ़ता है बल्कि आटा पौष्टिक भी हो जाता है। गेहूं के आटे में बेसन मिलाकर रोटी खाने से आप अपनी रोटी को प्रोटीन और फाइबर से भरपूर बना सकते हैं। डायबिटीज मरीजों के लिए फाइबर का अधिक सेवन करने से ब्लड में शुगर का स्तर धीरे-धीरे बढ़ता है। गेहूं के आटे का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 70 है जबकि बेसन का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 28 से 35 के बीच है। यही कारण है कि डायबिटीज में बेसन की रोटी ज्यादा फायदेमंद होती है।डायबिटीज मरीज ब्लड शुगर को कंट्रोल करना चाहते हैं तो गेहूं के आटे में चने का आटा मिक्स करके बनाएं रोटी। चने का ग्लाइसेमिक इंडेक्स बेहद कम होता है जिसका सेवन करने से ब्लड में शुगर का स्तर नॉर्मल रहता है। चने का आटा पोषक तत्वों का ख़ज़ाना है जिसमें भरपूर प्रोटीन और फाइबर मौजूद होता है। इस आटे में घुलनशील और अघुलनशील दोनों तरह का फाइबर मौजूद होता हैं जो ब्लड शुगर को नॉर्मल रखने में मदद करता है। अपने आटे में एक कप चने के आटे को शामिल करें ब्लड शुगर नॉर्मल रहेगा। अपोलो अस्पताल, नोएडा में एंडोक्रिनोलॉजिस्ट, डॉक्टर बी के रॉय के मुताबिक डायबिटीज मरीज ब्लड शुगर को नॉर्मल रखना चाहते हैं तो सबसे पहले जिस अनाज की रोटी खा रहे है उसपर ध्यान दें। गेहूँ के साथ चना आटा मिलाने से शुगर का दुष्प्रभाव कम कर सकते है।




