Thar पोस्ट न्यूज, नई दिल्ली। 1 सितंबर से नये नियमों के तहत TRAI की ओर से स्पैम नीति को संशोधित करने के बाद फैसला लिया गया है। कि वो 1 सितंबर से स्पैम नियम लागू करेंगे। इसे लेकर TRAI ने पहले ही टेलीकॉम कंपनियों को आदेश दे दिया था कि वो स्पैम मैसेज कॉल्स पर रोक लगाने का काम शुरू कर दें। स्पैम कॉल्स, मैसेज और ऑनलाइन फ्रॉडस्टर्स की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (Telecom Regulatory Authority of India) की ओर से पहल की जा रही है, जिससे स्पैम पर रोक लगाया जा सकेगा।

31 अगस्त के बाद से भारत में मोबाइल यूजर्स के लिए समस्या खड़ी हो सकती है। बैंक ओटीपी और डिलीवरी ओटीपी फेल हो सकते हैं। टेलीकॉम कंपनियों द्वारा आप तक SMS आने से पहले ही ब्लॉक कर दिया जाएगा। ट्राई का कहना है कि फर्जी मैसेज और उसमें आए लिंक से लोगों के डेटा को खतरा रहता है, जिससे बैंक खाते से पैसों का निकल जाने जैसे फ्रॉड भी शामिल हैं।

ट्राई ने टेलीकॉम कंपनी से फोन नंबरों को रजिस्टर्ड करने के लिए कहा है, जिससे फर्जी कॉल और SMS पर लगाम लगाई जा सके। 1 सितंबर के बाद अगर ऐसे नंबर से SMS आया जो ट्राई की सूची में रजिस्टर्ड नहीं है तो वो आप तक नहीं पहुंचेगा, उसे एक Spam SMS मानकर ब्लॉक किया जा सकता है। ऐसे में बैंक के ओटीपी, थर्ड पार्टी प्लेटफॉर्म में लॉगिन आदि भी शामिल है।

उपभोक्ताओं की लापरवाही

नए ट्राई स्पैम नियमों के आने के बाद फर्जी मैसेज पर रोकथाम किया जा सकेगा। दरअसल, कई लोग हैं जो बिना सोचे-समझे फोन पर आए मैसेज पर क्लिक कर देते हैं। अनजान मैसेज के जरिए आए लिंक पर क्लिक कर देते हैं, जो हैकर्स की चाल में से एक हो सकता है। ऐसे में डिवाइस से यूजर्स की जानकारी भी स्पैमर्स तक पहुंच सकती है।