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IMG 20250527 111143 शुगर को लेकर UAI में नया कानून लागू होगा ! Rajasthan News Portal अंतरराष्ट्रीय
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Thar पोस्ट न्यूज। विश्व मे शुगर के रोगी तेज़ी जे बढ़ रहे है। इसे देखते हुए अनेक देश भी जागरूक हो रहे है। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जनवरी 2026 से चीनी-मीठे पेय पदार्थों (एसएसबी) पर उत्पाद शुल्क संबंधी अपनी नीति में आमूल-चूल परिवर्तन लागू करने का निर्णय किया है, वित्त मंत्रालय और संघीय कर प्राधिकरण (एफटीए) ने घोषणा की है। नई स्तरीय प्रणाली अधिक चीनी सामग्री वाले पेय पदार्थों पर अधिक कर लगाएगी, जिससे निर्माताओं को अपने उत्पादों में चीनी की मात्रा कम करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। नए नियम के तहत, 50% की एकसमान कर दर को एक स्तरीय वॉल्यूमेट्रिक मॉडल में बदल दिया जाएगा, जहाँ प्रति लीटर कर सीधे 100 मिलीलीटर पेय पदार्थ में चीनी की मात्रा से जुड़ा होगा। इस कदम का उद्देश्य चीनी की खपत कम करना, स्वस्थ आहार संबंधी आदतों को बढ़ावा देना और मोटापे तथा टाइप 2 मधुमेह जैसी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से निपटना है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे संयुक्त अरब अमीरात में जन स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। अंतर्राष्ट्रीय मधुमेह संघ के 2024 के आंकड़ों के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात में वयस्कों में मधुमेह का प्रसार लगभग 20.7% है। मोटापे, मेटाबोलिक सिंड्रोम और टाइप 2 मधुमेह के खिलाफ लड़ाई में यह नीति सराहनीय है।

2017 में शुरू की गई और 2019 में विस्तारित की गई वर्तमान प्रणाली के तहत, सभी मीठे पेय पदार्थ—जिनमें कार्बोनेटेड पेय, एनर्जी ड्रिंक और अतिरिक्त चीनी या स्वीटनर वाले उत्पाद शामिल हैं—एक समान 50% उत्पाद शुल्क के अधीन हैं। वित्त मंत्रालय ने कहा, “यह अद्यतन प्रणाली निर्माताओं को अतिरिक्त चीनी की मात्रा कम करने के लिए प्रोत्साहित करती है और उपभोक्ताओं को अधिक सूचित आहार विकल्प चुनने में सक्षम बनाती है।”

यह नीति संयुक्त अरब अमीरात की व्यापक स्वास्थ्य रणनीति और सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप है, जिसे स्वास्थ्य एवं रोकथाम मंत्रालय के समन्वय से विकसित किया गया है।


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