Thar पोस्ट, बीकानेर। राजस्थान में कोरोना (डेल्टा वैरिएंट) और ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों को लेकर CM रेजिडेंस पर शुरू हुई कैबिनेट बैठक करीब पौने दो घंटे तक चली। इसमें कोरोना को लेकर नई गाइडलाइन को मंजूरी दी गई है। यह एक जनवरी से लागू होगी। फिलहाल गहलोत ने कहा कि न्यू ईयर सेलिब्रेशन रात 12:30 बजे तक कर सकेंगे। होटलों की पहले से हो चुकी बुकिंग कैंसिल नहीं होगी। मंत्रिपरिषद की बैठक जनता के लिए ओपन है, जिसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लोग इसे लाइव देख रहे हैं। यह पहला मौका है जब मंत्रिपरिषद की बैठक जनता के लिए ओपन हुई। शादियों में लोगों की संख्या कम करने का सुझाव
एसएमएस अस्पताल के डॉ.पीआर गुप्ता ने कहा, दाह संस्कार में 20 लोग की लिमिटेशन करनी चाहिए। शादियों में 200 लोगों की बाध्यता करें। बाद में इसे 40 करना चाहिए। गैदरिंग पर रोक लगनी चाहिए।
स्वास्थ्य मंत्री बोले– जयपुर में विस्फोटक हालात
स्वास्थ्य मंत्री परसादीलाल मीणा ने कहा कि जयपुर में तो कोरोना का विस्फोट हो रहा है। यहां पर मुख्यमंत्री कोई फैसला करें। वर्ना मामले और बढ़ेंगे। जयपुर सहित जिन 8-9 जिलों में मामले ज्यादा हैं, वहां तो पाबंदियां लागू होनी चाहिए। सबसे पहले जयपुर में सख्ती करनी जरूरी है।
न्यू ईयर पर विशेषज्ञों की एडवाइस
सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि न्यू ईयर के लिए होटलों में बुकिंग हो चुकी है। वह कैंसिल नहीं होगी। पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने बैठक मेंं हेल्थ एक्पर्ट से पूछा था कि न्यू ईयर पर होटलों में कहीं जगह नहीं है। न्यू ईयर की भीड़ पर क्या एडवाइज करेंगे। क्रिसमस के बाद मामले बढ़े थे। इस पर डॉ वीरेंद्र सिंह ने कहा, आउटडोर में रिस्क कम है, जबकि एसी और इनडोर में खतरा ज्यादा है। न्यू ईयर पर लोग सावधानी बरतें।
डॉ अशोक अग्रवाल बोले- दूसरी डोज में एक महीने का वक्त नहीं दे
मेडिकल एक्सपर्ट अशोक अग्रवाल ने कहा- संभव हो तो हमें इसे बूस्टर डोज ही बोलना चाहिए। तीसरे महीने से एंटीबॉडी का गिरना शुरू हो जाता है। इसलिए नौ महीने बाद बूस्टर डोज बहुत लेट है। एक महीना सेकेंड डोज लगवाने का समय ज्यादा दे रहे हैं। एक करोड़ लोग बचे हैं। दूसरी डोज लगाने के लिए 31 जनवरी तक का समय नहीं देना चाहिए। उससे पहले ही दूसरी डोज लगवाने का प्रावधान कर देना चाहिए।
डॉ. रमन शर्मा बोले- बड़ी गैदरिंग से बचें
रमन शर्मा ने कहा, बड़ी गैदरिंग वाली पार्टी और आयोजन नहीं होने चाहिए। विदेशों में एक्सपर्ट ने क्रिसमस से पहले एडवाइज दी थी। प्रीकॉशनरी नाम इसलिए रखा है कि अभी दो से तीन वैक्सीन और आ रही हैं। इसलिए यह नाम दिया है। एक वैक्सीन का ट्रायल तो एसएमएस में ही हुआ है। नेजल वैक्सीन भी आई है।
सीरो सर्वे में 90% एडल्ट और 76% बच्चों में एंटीबॉडी विकसित
एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल सुधीर भंडारी ने कहा कि हाल ही में करवाए गए सीरो सर्वे में अच्छी बात यह है कि 90% लोगों में एंटीबॉडी विकसित हो चुकी है। 76% बच्चों में भी एंटीबॉडी डवलप हो चुकी है। इसका मतलब है कि हम हर्ड इम्युनिटी की तरफ बढ रहे हैं। इम्युनिटी बढ़ने से खतरा कम हो गया है। वैक्सीनेशन हर वैरिएंट पर प्रभावी है।
एक्सपर्ट बोले- मार्च जैसे ही हालात आज
मेडिकल एक्सपर्ट वीरेंद्र सिंह ने कहा, आज के हालात वैसे ही हैं, जैसे मार्च में थे। पांच दिन में तीन गुणा पॉजिटिविटी रेट हो गया है। दो मॉडल हैं, जिनके तहत पाबंदियां लगती हैं। दिल्ली में .5% रेट पर लॉकडाउन का प्रावधान है, जबकि महाराष्ट्र में बेड ऑक्युपेसी का मॉडल है।
5 माह बाद वैक्सीन 20% ही सुरक्षा देती है
वीरेंद्र सिंह ने कहा- वैक्सीन लगे हुए व्यक्ति को कम खतरा है। वैक्सीन से एक महीने बाद 85 फीसदी तक सुरक्षित हैं। अगर 5 से 6 माह हो जाएं तो प्रोटेक्शन 20 फीसदी ही रह जाता है। वैक्सीन का बूस्टर डोज 5 से 6 महीने में ही लग जाना चाहिए। ओमिक्रॉन के लक्षण कुछ अलग हैं। ओमिक्रॉन में गले में दर्द, नाक से पानी आना जैसे लक्षण हैं। अंदर इतना ज्यादा इंफेक्शन नहीं है। ओमिक्रॉन के 1 फीसदी लोगों को अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा है, जबकि डेल्टा में 2 फीसदी लोग भर्ती हो रहे हैं।
डेल्मिक्रॉन आया तो तबाही मचा सकता है
वीरेंद्र सिंह ने कहा- यूके में डेल्मिक्रॉन की वजह से डेथ हो रहे हैं। आज स्टेट में ओमिक्रॉन 12 फीसदी है तो सप्ताह भर में 75 फीसदी भी हो सकता है।
9 महीने के अंतराल के बाद तीसरी डोज का क्या मतलब
सीएम गहलोत ने कहा— तीसरी डोज नौ महीने का कैसे तय हुआ। मुझे लगता है केंद्र ने प्रीकॉशन डोज इसलिए नाम दिया है ताकि सब लोग वैक्सीन नहीं मांगें। केंद्र ने रास्ता निकाल दिया कि 60 साल से ऊपर, बीमार, इनको ही लगे। कितनी चालाकी से काम हो रहा है। जो दो डोज लगी है, वही वैक्सीन तीसरी लगाने का प्रावधान है। एक्सपर्ट कह रहे हैं कि मिक्स डोज भी लगे तो सही है। संख्या ज्याादा है, इसलिए घबराए हुए हैं। पीएम कह रहे हैं कि 15 से 18, जबकि भारत सरकार की पीसी में 12 से 18 कह रहे थे। लग रहा है कि केंद्र सरकार जुगाड़ कर रही है।
MP में केस कम, फिर भी सख्ती
सीएम बोले- दूसरे राज्यों को देखते हुए हमें भी फैसले करने होंगे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद और मेडिकल एक्सपर्ट के साथ लाइव मंथन चल रहा है। गहलोत ने कहा कि गृह विभाग आज ही एसओपी और गाइडलाइन जारी करेगा। मध्य प्रदेश में अभी केस उतने नहीं हैं, लेकिन वहां पाबंदियां लगाई गई हैं। मध्य प्रदेश ने कहा है कि पड़ोसी राज्य गुजरात में कोरोना के केस ज्यादा हैं। जब MP कर रहा है, तो हमें भी अब दूसरे राज्यों को देखते हुए कड़ाई वाले फैसले करने हैं।
हेल्थ सेक्रेट्री ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से बढ़ते मामलों से सीएम को रूबरू करा रहे हैं। ओमिक्रॉन और डेल्टा वैरिएंट के केस जिस तरह बढ़ रहा है, उसको लेकर विशेषज्ञ अपनी राय दे रहे हैं। इससे पूर्व सीएम ने केस को लेकर विस्तृत जानकारी ली है। 5 दिन में तीन गुना तेजी से पॉजिटिविटी रेट बढ़ा है।

इन पर रोक : समस्त विश्वविद्यालय/महाविद्यालय/विद्यालय/कोचिंग संस्थान के शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक स्टाफ, 18 वर्ष से अधिक आयु के छात्र-छात्राएं एवं संस्थान आवागमन हेतु संचालित बस, ऑटो एवं कैब के चालक को वैक्सीन की दोनों डोज अनिवार्य रूप से लगानी होगी।• समस्त राजकीय कार्मिकों से अपेक्षा है कि वे कोविड-19 की दोनों डोज आवश्यक रूप से लगवा लें।• प्रदेश के समस्त सिनेमा हॉल्स/थियेटर/मल्टीप्लेक्स 18 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों, जिन्होंने कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगवा ली हों, के लिए रात्रि 10ः00 बजे तक खोलने की अनुमति होगी।• समस्त प्रकार के ऑडिटोरियम एवं प्रदर्शनी हेतु उपलब्ध स्थान रात्रि 10ः00 बजे तक केवल उन व्यक्तियों हेतु अनुमत होगा, जिन्होंने कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगवा ली हो।• समस्त मॉल्स/दुकानें एवं अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को रात्रि 10ः00 बजे तक खोलने की अनुमति होगी एवं समस्त कार्मिकों से अपेक्षा है कि वे कोविड की दोनों डोज अनिवार्य रूप से लगवा लें। इसके साथ ही स्क्रीनिंग की सुविधा, मास्क का उपयोग एवं अन्य कोविड उपयुक्त व्यवहार की अनुपालना करना अनिवार्य होगा।• सम्बन्धित संस्था प्रधान/अन्य संस्थानों के संचालकों/मार्केट एसोसिएशन/समस्त विभागाध्यक्ष/कार्यालय प्रमुख स्वयं/स्टाफ/कार्मिकों के वैक्सीन की दोनों डोज 31 जनवरी, 2022 तक अनिवार्य रूप से लगवाना सुनिश्चित करावें एवं कार्यालय के सदृश्य स्थान पर यह घोषणा भी लगाये कि स्वयं एवं स्टाफ द्वारा दोनों वैक्सीन डोज लगाई जा चुकी है।• 31 जनवरी, 2022 के पश्चात् इन स्थानों पर डबल डोज वैक्सीनेटेड लोगों को ही अनुमत किया जायेगा तथा कहीं भी उल्लंघन पाये जाने पर संबंधित संस्था प्रधान/अन्य संस्थानों के संचालकों/मार्केट एसोसिएशन/समस्त विभागाध्यक्ष/कार्यालय प्रमुख के विरूद्ध प्रशासन द्वारा नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।समारोह आयोजन के सम्बन्ध में दिशा-निर्देश• सभी प्रकार के भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक, सामाजिक, राजनैतिक, खेल-कूद सम्बन्धी, मनोरंजन, शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक समारोह/त्योहारों/शादी-समारोह में अधिकतम 200 व्यक्तियों के सम्मिलित होने की अनुमति होगी। उक्त कार्यक्रमों में सम्मिलित होने वाले व्यक्तियों की संख्या 200 से अधिक होने पर इसकी पूर्व अनुमति जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट से प्राप्त करना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति ऎसा कायक्रम करने पर जिसमें 200 से अधिक व्यक्ति होंगे, उनमें आयोजकों एवं सभा स्थल संचालक पर 10 हजार रूपए का जुर्माना लगाया जाएगा।अन्य दिशा-निर्देश• प्रदेश में नए कोविड वैरिएंट के संक्रमण को रोकने हेतु जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की कोविड टीम द्वारा विदेश से आने वाले यात्रियों की सूचना ऑनलाईन पोर्टल SSO→login→COVID 19 STATISTICS→District Quarantine Statistice (Form-4) के माध्यम से इन्द्राज करने के साथ ही उक्त सूचना संबंधित जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट को प्रेषित करनी होगी, ताकि जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट द्वारा क्वारंटीन नियमों/कोविड उपयुक्त व्यवहार की पालना की निगरानी सुनिश्चित हो सके।• सिटी/मिनी बसों का संचालन प्रातः 05ः00 बजे से रात्रि 11ः00 बजे तक अनुमत होगा। रेस्टोरेन्ट्स द्वारा होम डिलीवरी की सुविधा प्रतिदिन 24 घण्टे अनुमत होगी। टेक अवे एवं रेस्टोरेन्ट में बैठाकर खिलाने की सुविधा, बैठक क्षमतानुसार प्रतिदिन रात्रि 10ः00 बजे तक कोविड उपयुक्त व्यवहार की पालना सुनिश्चित करते हुए अनुमत होगी।• कोविड के प्रसार को रोकने हेतु सघन रोकथाम और समूहों/क्षेत्रों में सक्रिय निगरानी की जानी चाहिए।• राज्यों से सटे जिलों द्वारा स्थापित सीमा चौकियों पर सख्त निगरानी स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी परिपत्र/दिशा-निर्देशों के अनुसार जारी रहेगी।• आमजन द्वारा कोविड उपयुक्त व्यवहार एवं टीकाकरण की दोनों डोज के साथ-साथ मास्क का अनिवार्य उपयोग, सेनेटाइजेशन, दो गज की दूरी एवं बंद स्थानों पर उचित वेंटिलेशन का ध्यान रखना अतिआवश्यक है।• प्रदेश में 3 जनवरी, 2022 से समस्त सिनेमा हॉल/थियेटर/मल्टीप्लेक्स/ऑडिटोरियम एवं प्रदर्शनी हेतु उपलब्ध स्थान 50 प्रतिशत क्षमता के साथ कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लिये हुए व्यक्तियों के लिए अनुमत होगा।• संपूर्ण प्रदेश में प्रतिदिन रात्रि 11ः00 बजे से प्रातः 05ः00 बजे तक रात्रिकालीन कफ्र्यू यथावत् जारी रहेगा।• नववर्ष के उपलक्ष्य में दिनांक 31 दिसम्बर, 2021 को रेस्टोरेन्ट््स का संचालन 02.30 घण्टे अतिरिक्त (रात्रि 10ः00 बजे से 12ः30 बजे तक) किया जा सकेगा एवं रात्रिकालीन कफ्र्यू में 2 घण्टे (रात्रि 11ः00 बजे से 01ः00 बजे तक) की छूट रहेगी।• यह निर्णय तत्काल रूप से लागू होंगे।• उक्त दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किये जाने पर समस्त जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अपने स्थानीय क्षेत्राधिकार में आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 51 से 60 एवं राजस्थान महामारी अधिनियम, 2020 के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।