Thar पोस्ट, न्यूज बीकानेर। देश की एक बहुत बड़ी आबादी खासकर युवा रील्स और शार्ट वीडियो बनाने के चक्कर मे अपना जीवन तबाह कर रहे हैं। भारत एक ऐसा देश बन चुका है जहाँ लगभग 8 करोड़ युवा Instagram ओर फेसबुक पर Reels और Youtube के लिए छोटे वीडियो बनाते हैं। बीकानेर सहित राजस्थान के अनेक जिलों में फूहड़ कॉमेडी के नाम पर वीडियो या रील्स बनाये जा रहे हैं वीडियो या रील्स का यह जो कॉन्सेप्ट है वो हर किसी के लिए नुकसानदेह है। युवा एक बड़ा समय इन रील्स को देखने में ख़राब कर रहा है। जो समय भविष्य बनाने का है उसे रील्स के चक्कर मे खराब किया जा रहा है। यह भी देखने को मिलता है कि जब कोई इन वीडियो को देखने के लिए बैठता है तो उसका घंटों का समय कहां बीत जाता है पता ही नहीं चलता। यह वो समय होता है, जिसका उपयोग युवा अपने भविष्य को बनाने के लिए कर सकते हैं। अगर उस समय को वो रील्स देखने में बिताएंगे तो स्वयं का भविष्य कैसे बनाएंगे? समय कहीं और खराब हो रहा है दोष राजनेताओं को दिया जा रहा। यह खतरे की घंटी है कि रील्स बनाने और देखने के मामले में विश्व में भारत पहले स्थान पर पहुंच चुका है। हालांकि भारत के अनेक राज्यों में पुलिस व यातायात ने कमर कस ली है। पिछ्ले दिनों लाखों रुपये का जुर्माना बाइक पर रील्स बनाने वालों से वसूला जा चुका है। राजस्थान में भी एक लव कपल को गिरफ्त में लेकर हज़ारों का चालान काटा गया। परंतु युवा यदि रील्स देखते रहेंगे तो देश आखिर तरक्की कैसे करेगा। 60 सेकेंड में सेलिब्रिटी बनने का नशा और उस 60 सेकेंड के वीडियो को देखने की लत हमारे देश के युवाओं को बर्बाद कर रही है। फिर हम सारा दोष राजनीतिक पार्टियों को देंगे ! खास बात यह है कि रील्स और शार्ट वीडियो बनाने के चक्कर मे कई लोगों की जान जा चुकी है। युवाओं के लिए अभी भी समय है देश के साथ अपने बारे में भी तो कुछ तो सोचिए।