Thar पोस्ट, न्यूज। नए साल की पहली तारिख से अनेक वस्तुओं के दाम बढ़ जाएंगे। यानि आपकी जेब पर सीधा असर पड़ेगा। यदि आप नई कार खरीदने की प्लानिंग कर रहे थे तो नया साल आपके लिए महंगाई भरा होगा। देश की लगभग सभी प्रमुख कार बाइक कंपनियां अपने प्रोडक्ट की कीमतों में 90000 रुपये तक की बढ़ोत्तरी करने जा रही हैं। मारुति, किआ, टाटा मर्सिडीज, हुंडई, आडी, रेनॉ और एमजी मोटर्स पहले ही कीमतों में बढ़ोत्तरी करने की घोषणा कर चुकी हैं। वहीं हीरो मोटोकॉर्प ने भी दाम बढ़ाने की घोषणा की है। 2 .यदि आप भी क्रेडिट कार्ड (Credit Card) का इस्तेमाल करते हैं तो कई बैंकों में रिवार्ड प्वाइंट्स संबंधी नियम भी 1 जनवरी 2023 से बदलने वाले हैं। मसलन, HDFC बैंक क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड्स पॉइंट और फी स्ट्रक्चर में बदलाव करेगा। अब आपको इस पर 1 फीसदी का शुल्क भी देना होगा। साथ ही SBI ने अपने SimplyCLICK कार्डहोल्डर्स के लिए भी कुछ नियम बदले हैं। ऐसे में अगर आपके क्रेडिट कार्ड में रिवार्ड प्वाइंट्स हैं तो उन्हें 31 दिसंबर तक जरूर रिडीम लें। ऐसे में इन रिवार्ड प्वाइंट्स का इस्तेमाल दिसंबर में ही कर लें। 3. यह बदलाव बैंक लॉकर से संबंधित है। आपको 1 तारीख से बैंक लॉकर का इस्तेमाल करने के लिए यह सुनिश्चित करना होगा कि आपने नए लॉकर समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। पंजाब नेशनल बैंक सहित कई बैंक रिजर्व बैंक के नए नियमों का हवाला देते हुए ग्राहकों को एसएमएस भी भेज रहे हैं। 4. नए साल पर आपका केबल टीवी का खर्च कुछ कम हो सकता है। ट्राई के नए नियमों के तहत कंपनियों को अब 19 रुपये से कम कीमत के चैनलों को बुके में शामिल करना होगा। वहीं चैनलों के बुके पर अधिकतम डिस्काउंट की लिमिट भी 45 प्रतिशत तय कर दी गई है। 5 .जनवरी 2023 से मोटर इंश्योरेंस प्रीमियम (Insurance Premium) भी महंगा हो सकता है। बीमा नियामक IRDAI नए नियमों पर विचार कर रहा है, जिसके तहत बीमा कंपनियां वाहनों के इस्तेमाल और उनके रख-रखाव के आधार पर बीमा प्रीमियम तय कर सकती हैं। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि नए साल से लोगों को महंगे इंश्योरेंस प्रीमियम का झटका लग सकता है। इसके अलावा आपको KYC यानी नो योर कस्टमर (Know Your Customer) डॉक्युमेंट्स जमा करना अनिवार्य हो जाएगा। 6 .1 जनवरी से होने वाला ये बदलाव कारोबारियों से जुड़ा है। मीडिया रिपोर्टस के अनुसार एक जनवरी 2023 से 5 करोड़ रुपये से ज्यादा के बिजनेस करने वालों के लिए ई इनवायसिंग (E Invoicing) यानी इलेक्ट्रानिक बिल निकालना अनिवार्य होगा। पहले यह सीमा 20 करोड़ रुपये थी। 1 जनवरी से व्यापारियों को पोर्टल के माध्यम से ही बिल जारी करने होंगे। इससे अब छोटे कारोबारी भी ई बिल के दायरे में आ जाएंगे। इससे जहां सिस्टम में पारदर्शिता आएगी और फर्जी बिल बनाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने पर रोक लग सकेगी।