Thar पोस्ट न्यूज। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मंकी पॉक्स को एक ग्लोबल पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर रखा है। विश्व मे यह बीमारी तेजी से फैल रही है, जिसे देखते हुए WHO ने पूरी दुनिया में अलर्ट जारी किया है। राजस्थान के चिकित्सा विभाग ने भी इस बीमारी को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है और इसके लिए गाइडलाइन जारी की गई है। सभी अस्पतालों में मंकी पॉक्स के संभावित मामलों से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। जयपुर एयरपोर्ट पर मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया जब विदेश से लौटे एक यात्री में मंकी पॉक्स (एम पॉक्स) के लक्षण पाए गए। एयरपोर्ट पर मौजूद मेडिकल स्टाफ ने तुरंत ही संदिग्ध मरीज को राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ एंड साइंसेज (आरयूएचएस) हॉस्पिटल में आइसोलेट कर दिया। यह संदिग्ध मरीज नागौर जिले का 20 वर्षीय निवासी है, जो मंगलवार को दुबई से जयपुर लौटा था।

यात्री के सैंपल सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज की लैब में भेजे गए हैं, जहां उनकी जांच की जाएगी। शरीर पर लाल रंग के चकत्ते और हल्का बुखार देखा गया, जो मंकी पॉक्स के सामान्य लक्षण होते हैं। सांगानेर एयरपोर्ट पर तैनात मेडिकल टीम ने यात्री के लक्षणों के आधार पर इसे मंकी पॉक्स का संदिग्ध मामला माना और उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती करवाया।

मंकी पॉक्स एक वायरल बीमारी है, जो पशुओं से मनुष्यों में फैलती है और बाद में एक इंसान से दूसरे इंसान में फैल सकती है। इसके लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, थकान और शरीर पर चकत्ते होना शामिल है। ये चकत्ते बाद में छाले और फिर घाव बन जाते हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, सतर्कता, पहचान और समय पर इलाज से इस बीमारी को काबू में किया जा सकता है।