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Thar पोस्ट, नई दिल्ली। कोरोना की गिरफ्त में अब दुनिया के कई देश आ गए है। खास बात यह है कि व्यापक स्तर पर टीकाकरण होने के बाद भी पॉजिटिव बढ़ रहे है। इस बीच नीदरलैंड के
यूट्रेक्ट में लोगों ने प्रदर्शन किया। लोगो का कहना है कि लॉकडाउन को स्वीकार करना बहुत मुश्किल है। यह बहुत बुरा है और यह कुछ ऐसा है जो एक छात्र के तौर पर मेरे सामाजिक जीवन और मेरे आराम करने के तरीके को तबाह करता है।’’लॉकडाउन के बाद उत्तरी शहर यूट्रेक्ट में बड़ी संख्या में विरोध प्रदर्शन हुए। सरकारी प्रसारक ‘एनओएस’ ने बताया कि एम्सटर्डर्म से 140 किलोमीटर दूर ल्यूवॉर्डन में चौराहे पर सैकड़ों की संख्या में युवा इकट्ठा हुए और उन्होंने लॉकडाउन के विरोध में प्रदर्शन किया।एनओएस ने अपनी खबर में बताया कि बाद में दंगा पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया। मीडिया में आई खबरों में कहा गया कि दक्षिणी शहर ब्रेडा में ‘बार’ तय समय से ज्यादा वक्त तक खुले रहे।
देश की लगभग 85 प्रतिशत आबादी का पूर्ण टीकाकरण हो गया है लेकिन बृहस्पतिवार को देश के सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थान ने 24 घंटों में 16,364 नए मामले सामने आने की बात कही। देश में संक्रमण के ये अब तक के सर्वाधिक मामले हैं। संक्रमण से 18,600 से अधिक लोग जान गंवा चुके हैं। वहां के कार्यवाहक प्रधानमंत्री मार्क रूट ने शुक्रवार को आंशिक लॉकडाउन की घोषणा की और कहा कि यह कम से कम तीन सप्ताह तक लागू रहेगा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ‘‘संक्रमण पर कठोर प्रहार करना चाहती है।’’ महाद्वीप के कुछ हिस्सों में संक्रमण की नई लहर शुरू होने के बाद पश्चिमी यूरोप के किसी देश में लगा यह पहला लॉकडाउन है। स्पेन में भी कुछ शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए।


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