ताजा खबरे
राजस्थान में सस्ती हुई बिजली, फ्यूल चार्ज आधा इतनी राहतपीबीएम हॉस्पिटल परिसर में फोटो स्टेट के अधिक पैसे लेने पर आक्रोश, मौके पर पहुंचे विधायक व्यास ने कहा यह नहीं चलेगागर्मी का सितम तेज़, 45 तक पहुंचेगा पारा, राजस्थान में इस दिन से राहतHeadlines news : खास खबरों पर एक नज़रलूणकरणसर: खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री गोदारा ने आसेरा में उप स्वास्थ्य केंद्र भवन का किया शिलान्यासबिजली बंद रहेगी, 3 घंटे असरड्राई पोर्ट खोलेगा व्यापार उद्योग एवं रोजगार की असिमित संभावनाएं – दीपक अग्रवाल300 साल पुराने लोक गीतों, तीज त्योहार- गीतों की परंपरा को जिंदा रखे हुए है बीकानेर की अरुणा सोनीपुराने नोट और विदेशी सिक्के पाकर खुश हुए बच्चेमाहेश्वरी महिला समिति बीकानेर का वार्षिकोत्सव 9 अप्रैल को
IMG 20230527 154542 44 <em>बजट आवंटन पर</em><br><em>डॉ बी.डी कल्ला का साहित्यकारों ने आभार</em> जताया Bikaner Local News Portal साहित्य
Share This News

Thar पोस्ट। राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति अकादमी बीकानेर के गत तीन वित्तीय वर्षों यथा 2019-20, 2020-21 एवं 2021-22 के बकाया पुरस्कारों के वितरण हेतु राज्य सरकार के स्तर पर अतिरिक्त बजट की मांग प्रज्ञालय संस्थान एवं राजस्थानी युवा लेखक संघ द्वारा पूर्व में माननीय डॉ बी.डी कल्ला शिक्षा, कला साहित्य संस्कृति एवं पुरातत्व मंत्री राजस्थान सरकार को पत्र लिखकर की गई थी। इसी संदर्भ में संस्था के स्तर पर मंत्री
डॉ बी.डी. कल्ला को व्यक्तिगत अनुरोध किया गया था। इस बाबत डॉ बी.डी कल्ला द्वारा व्यक्तिगत रूचि लेकर राजस्थानी भाषा साहित्य एवं सस्कृति के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए कला साहित्य संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग राजस्थान सरकार द्वारा उक्त महत्वपूर्ण तीन वर्षों के अकादमी पुरस्कारों के निष्पादन हेतु
13 लाख 50 हजार रूपये का बजट स्वीकृत कर दिया।
राजस्थानी के वरिष्ठ साहित्यकार कमल रंगा ने कहा कि इससे प्रदेश एवं देश के करीब 42 साहित्यकारेंा को विभिन्न विधाओं के तहत पुरस्कृत किया जा सकेगा, जिससे निश्चित तौर पर साहित्यकारों को मान-सम्मान एवं प्रोत्साहन तो मिलेगा ही साथ ही राजस्थानी भाषा साहित्य एवं संस्कृति को भी बल मिलेगा।
करोड़ों लोगों कि प्रतिनिधि भाषा राजस्थानी अकादमी के अध्यक्ष शिवराज छंगाणी एवं अकादमी उपाध्यक्ष डॉ भरत ओळा के सार्थक और सकारात्मक प्रयास इस बाबत निरन्तर होते रहे। इसी महत्वपूर्ण वित्तीय स्वीकृति हेतु कमल रंगा, डॉ. ब्रजरतन जोशी, मधु आचार्य, सुशील छंगाणी भी निरन्तर प्रयासरत रहे।
इससे पूरे राजस्थानी जगत में खुशी का माहौल है। उक्त अतिरिक्त बजट आवंटन करने पर डॉ. बी.डी कल्ला का राजस्थानी साहित्यकारों और भाषा हेतालुओं ने प्रशंसा कर बधाई देते हुए आभार व्यक्त किया।


Share This News