Thar पोस्ट, न्यूज। आखिर क्यों होती है नहर बंदी ? पोंग डेम से जैसलमेर तक जाने वाली इंदिरा गांधी नहर का कुछ हिस्सा पंजाब में क्षतिग्रस्त है। इसी क्षतिग्रस्त हिस्से को ठीक करने और राजस्थान के हिस्सों में मरम्मत आदि कार्य करने के लिए नहर को बंद किया जाता है। लेकिन यह भीषण गर्मी में ही क्यों ? दरअसल, इस मौसम में जल स्तर नीचे होता है तो नहर की मरम्मत की जाती है। इंदिरा गांधी नहर में मरम्मत के लिए इस बार 28 मार्च से नहर बंदी की जाएगी। जो 65 दिन की है। ऐसे में पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, जोधपुर, नागौर, जैसलमेर और बाड़मेर तक पानी का संकट खड़ा हो सकता है। इन जिलों में पीने का पानी इंदिरा गांधी नहर से ही जा रहा है। 1961 में इंदिरा गांधी नहर में पहली बार पानी छाेड़ने के बाद से 2020 तक लाइनिंग की मरम्मत नहीं हुई। इसी वजह से 18 हजार क्यूसेक क्षमता वाली नहर में 10 हजार क्यूसेक तक पानी चलाने में अभियंता डरते हैं। 24 जनवरी 2021 काे आरडी 433 पर लाइनिंग धंस गई। इससे काश्तकाराें काे रबी की फसलाें के लिए पूरा पानी नहीं मिला। इसी साल फरवरी में आरडी 383 पर लाइनिंग धंसने से जलापूर्ति प्रभावित हुई।पंजाब में 100 किलाेमीटर लंबी राजस्थान नहर है। इसे दुरुस्त कराने के साथ राजस्थान सीमा में भी लाइनिंग और पटड़ाें का काम चल रहा है ताकि 2022 के बाद नहर में पूरी क्षमता के साथ पानी चलाया जा सके। दरअसल नहर कमजाेर हाेने का फायदा पंजाब उठाता है और लाइनिंग धंसते ही पंजाब राजस्थान काे पूरा पानी नहीं देता। इसका खमियाजा यहां के काश्तकाराें काे भुगतना पड़ता है।