Thar पोस्ट, न्यूज। बीकानेर के इस ऐतिहासिक स्कूल से देश विदेश में रहने वाले लोगों की यादें जुड़ी हुई है। वर्ष 1893 में वाल्टर नोबेल ने बीकानेर के रॉयल परिवार की शिक्षा के लिए विश्व विख्यात हारो एंड एंट्रेस पब्लिक स्कूल की तर्ज पर इसे बनाया। शिक्षा के इस नामचीन मंदिर को बीकानेर महाराजा श्रीसादुल सिंह जी ने 1944 में बिना किसी भेदभाव के आम जनता के लिए सादुल पब्लिक स्कूल के नाम से परिवर्तित कर दिया था। राजस्थान सरकार ने १९८२ में इसे सादूल स्पोर्ट्स स्कूल के नाम से इसे आरम्भ रखा । उसी महान स्कूल की साल 2008 से आरम्भ spsaa की संस्था अब अपना 15 वी सालाना मीटिंग 11 फवरीको वर्तमान सादूल स्पोर्ट्स स्कूल में करने जा रही है । उन तमाम सादुलीयंस को कल के रविवार का बेसब्री से इंतज़ार है इस दिन सब पुराने सहपाठी और मित्र आपस में मिलेंगे । बीकानेर नॉएडा ,अजमेर , अहमदाबाद , बैंगलोर , गुड़गाँव , श्री गंगानगरऔर जयपुर से सादुलीयंस इस मित्र समागम में शामिल होकर और उपरोक्त मीट को अटेंड करने का वायदा कर चुके हैं ।
स्कूल के परिसर का भ्रमण करते पाठशाला में बिताए गौरवशाली समय को पुनः जीने का प्रयास करेंगे ,तत्पश्चात दोपहर का भोजन और फिर मिलने के वायदे के संग कार्यक्रम का समापन गीत संगीत के साथ होगा ।