Thar पोस्ट, बीकानेर। होली के त्योहार पर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड़ पर है। आज एक बार फिर ताबड़तोड़ कार्रवाई की गई। शुद्ध के लिये युद्ध अभियान के तहत विभाग की ओर से त्यौहारी सीजन को देखते हुए मिलावटखोरों पर शिकंजा कसने के लिये सैम्पलिंग की जा रही है। फूड इस्पेक्टर की अगुवाई में भुट्टों के चौराहे पर स्थित खंडेलवाल मिष्ठान भंडार पर विभाग की टीम पहुंची और अनेक खाद्य वस्तुओं के सैम्पल लिए। इस दौरान मिठाईयों व अन्य खाने-पीने के सामान की गुणवता भी जांची जा रही है। वहीं साफ सफाई, उपभोक्ताओं को सामान तोलने के समय कार्मिकों द्वारा तय मापदंड़ों के अनुसार हाथ में गलब्स पहनने सहित अनेक मापदंड़ों की भी पड़ताल की जा रही है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ बी एल मीणा के निर्देश पर की जा रही इस कार्यवाही में नमूने फेल होने की स्थिति में कार्यवाही भी की जाएगी।

तय मानकों पर खरे नहीं
दो महीनों में यहां जितने भी खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए उनमें से करीब एक चौथाई मानकों पर खरे नहीं उतरे। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी 2020 से फरवरी 2022 तक बीकानेर में 1220 सैंपल की जांच हुई। इनमें से 322 नमूने गुणवत्ता के पैमानों पर सही नहीं पाए गए। इनमें ज्यादातर दूध या इससे बनी चीजें हैं। मसलन, घी, मिठाई आदि। वर्ष 2020 में सबसे ज्यादा 27.51 प्रतिशत नमूने फेल हुए।स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है, जो सैंपल फेल हुए हैं, उन सबके केस बनाकर चालान किए जाते हैं। इनमें कोर्ट की तरफ से ही सजा या पेनल्टी का प्रावधान होता है। चूंकि स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने ये सभी सैंपल रैंडम पद्धति से यानी अभियान चलाकर जिले में अलग-अलग जगहों से लिए गए हैं, ऐसे में माना जा सकता है कि पूरे जिले में एक चौथाई से ज्यादा खान-पान की चीजें ऐसी बिक रही है जो खाने से स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकती है।