Thar पोस्ट न्यूज।राजकीय डूंगर महाविद्यालय के लोक प्रशासन विभाग द्वारा प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य में परिचर्चा का आयोजन किया गया l परिचर्चा में सक्रियता से भाग लेते हुए विद्यार्थियों का मानना था कि शरीर व मन एक दूसरे से जुड़े हैं यदि एक भी आयाम में समस्या आती है तो असंतुलन स्वाभाविक है । भारत सबसे बड़ी किशोर आबादी वाला देश है परंतु वर्तमान में युवा मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को महसूस करता है । जिसके प्रमुख कारणों में मोबाइल का उपयोग जीवन को मापने के उपकरण के रूप में करना, पोस्ट पर कमेंट देखने के लिए देर रात तक जगना व सुबह देर से उठना, करियर व शिक्षा से संबंधित चिंता व तनाव, कोचिंग संस्थानों में नंबर कम आने पर अवसाद, प्रतियोगी परीक्षाओं में असफलता, बार-बार पेपर लीक होना, माता-पिता का अति महत्वाकांक्षी होना, माता-पिता का अति व्यस्त रहना, माता-पिता से अपनी बात नहीं कह पाना, शरीर व स्वयं की छवि, यौन उत्पीड़न, साइबर बुलिंग, एकल परिवार, तनाव में नशे का आदि होना जैसे ज्वलंत मुद्दों पर विचार रखें l विभाग प्रभारी डॉ. साधना भंडारी ने विद्यार्थियों को कहा कि टेक्नोलॉजी हमारी सहायता के लिए है उस पर निर्भरता हमें पंगु बना देती है, माता-पिता से अपनी मन की बात सांझा करें, नियमित व्यायाम, एक पसंद की हॉबी विकसित करने, मादक पदार्थों के सेवन से दूर रहने व मानसिक अस्वस्थता को समय पर पहचान कर चिकित्सकीय परामर्श की बात कही l इस परिचर्चा में राजा हसन, अशोक किलानिया, सुमेष्ठा, संजना, वसुंधरा व तरुण आर्य ने भाग लिया।