Thar पोस्ट। राजकीय डूंगर महाविद्यालय के लोक प्रशासन विभाग द्वारा सतर्कता जागरूकता सप्ताह के तहत “कौटिल्य दर्शन” विषय पर डॉ. प्रभा शेखावत का व्याख्यान आयोजित किया गया। डॉ. प्रभा शेखावत ने कौटिल्य पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि वे एक राजनीतिक वैज्ञानिक ही नहीं थे वरन् एक उच्च कोटि के अर्थशास्त्री एक राजनयिक और सफल युद्ध रणनीतिकार थे। वे एक एसे राज्य का निर्माण चाहते थे जहाँ नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि थी तथा राज्य व नागरिको के मध्य संतुलन हो। नेता राष्ट्र का चेहरा होता है अत: वह समाज में होने वाली प्रत्येक कार्यकलाप के लिए उत्तरदायी है। चाणक्य का मानना था कि पेशेवर जीवन में बहुत अधिक मेल जोल नहीं होना चाहिए अन्यथा इससे भ्रष्ट्राचार व पदानुक्रम को बढ़ावा मिलता है। कौटिल्य ने टीम वर्म से काम करने कि भावना पर बल दिया। प्रशासन में भ्रष्टाचार पर लगाम के लिए मुखबिरों की भूमिका पर बल दिया। वर्तमान ने सरकार द्वारा उपलब्ध ई-गवर्नेस की व्यवस्था प्रशासन को उत्तरदायी, जबाबदेही व पारदर्शी बनाने के लिए उत्तम है अतः विद्यार्थियों को अपने जीवन में काठोर अनुशासन व ईमानदारी अपनाकर राष्ट्रनिर्माण में योगदान देना चाहिए। विभाग प्रभारी डॉ. साधना भंडारी ने कौटिल्य की वर्तमान समय में प्रासंगिकता पर अपने विचार रखें।