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बीकानेर। विद्युत उपकरणों के आवश्यक रख-रखाव हेतु शनिवार को सुबह 7 बजे से 11.30 बजे तक शहर के विभिन्न स्थानों पर विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी।बीकेईएसएल के सहायक अभियंता ने बताया कि शनिवार को चेतनानंद रोड, मूंधड़ा बगीची, नत्थूसर गेट टंकी, नत्थूसर गेट क्षेत्र, हर्षोलाब तालाब, बारहगुवाड़ चौक, काश नदी, मोहता चौक, मथानियो का चौक, मरूनायक मंदिर, बेदों का चौक, सब्जी मंडी क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी।

पेयजल आपूर्ति पर बराबर नजर रखने के निर्देश

Tp न्यूज़। जलदाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) श्री सुधांश पंत एवं जल संसाधन विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री नवीन महाजन ने इंदिरा गांधी नहर परियोजना (आईजीएनपी) से जुड़े जिलों में जारी नहरबंदी के दौरान सभी क्षेत्रों में सुचारू पेयजल प्रबंधन पर सतत नजर रखने के निर्देश दिए हैं।श्री पंत एवं श्री महाजन शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेसिंग (वीसी) के माध्यम से इंदिरा गांधी नहर परियोजना से जुड़े श्री गंगानगर, जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, हनुमानगढ़, झुंझुनू, जोधपुर, नागौर, चुरू और सीकर जिलों के जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, जल संसाधन विभाग एवं इंदिरा गांधी नहर परियोजना के अधिकारियों की संयुक्त बैठक को सम्बोधित कर रहे थे।

पीएचईडी के अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं प्रमुख शासन सचिव, जल संसाधन विभाग ने सभी जिलों से सम्बंधित दोनो विभाग केे अधिकारियों से विस्तार से चर्चा करते हुए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को पेयजल आपूर्ति के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में फीडबैक लिया। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम और कोविड-19 के कारण उत्पन्न चुनौतीपूर्ण स्थितियों में जलदाय विभाग और जल संसाधन विभाग के अधिकारी आपसी समन्वय, सर्तकता और सजगता के साथ कार्य करे। दोनों विभागों के शीर्ष अधिकारियों ने फील्ड में कार्यरत अधिकारियों को पेयजल प्रबंधन, मॉनिटरिंग और समन्वय के लिए निर्देशित किया। उन्होंने नहरबंदी के लिए जिला स्तर पर की गई प्लानिंग और उसके क्रियान्वयन के बारे में भी सभी अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की।एसीएस श्री पंत ने कहा कि इंदिरा गांधी नहर में ‘पोंडिंग’ तथा पीएचईडी के स्तर पर किए गए स्टोरेज के अलावा भी किसी जिले में टेल एंड पर किसी भी प्रकार की आवश्यकता हो तो टैंकर्स के माध्यम से जल परिवहन व्यवस्था एवं कंटीजेंसी के कार्यों को पूर्ण करते हुए लोगों को समय पर राहत दी जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे कोविड-19 की चुनौती को देखते हुए पूरी सावधानी रखें, ‘कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर’ को फॉलो करे और अपने स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखते हुए अपना काम करे। उन्होंने जलदाय विभाग के मुख्य अभियंता (ग्रामीण) को नहरबंदी से सम्बंधित सभी जिलों के अधिकारियों से नियमित तौर पर चर्चा करते हुए पेयजल सप्लाई की स्थिति पर पूरा फोकस करने के निर्देश दिए।जल संसाधन विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री नवीन महाजन ने बताया कि इंदिरा गांधी नहर परियोजना में गत 28 अप्रैल से आरम्भ एक माह की पूर्ण नहरबंदी से पहले बीबीएमबी से कुछ अतिरिक्त पानी लेते हुए जलदाय विभाग को पेयजल आपूर्ति के लिए मुहैया कराया गया है। इंदिरा गांधी नहर परियोजना के 79 साइट्स पर मरम्मत एवं रखरखाव के कार्य निर्धारित शेड्यूल के अनुसार चल रहे है। ये सभी कार्य समय पर पूरे कर लिए जाएंगे।

जिला मुख्यालयों से वीसी के दौरान जलदाय विभाग और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रो में पेयजल सप्लाई की स्थिति, पानी के स्टोरेज की व्यवस्थाओं और अब तक के परिदृश्य पर प्रकाश डालते हुए नहरबंदी के शेष बचे दिनों के लिए तैयार रणनीति और आपसी समन्वय के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। जलदाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री पंत और जल संसाधन विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री महाजन ने कहा कि जनता को कहीं भी पेयजल की दृष्टि से कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। सभी अधिकारी नहरबंदी के बारे में अपने जिलों में लोगों को जागरूक करते हुए आगे भी ऐसी ही सक्रियता से कार्य जारी रखें।वीसी से पीएचईडी के मुख्य अभियंता (ग्रामीण) श्री आरके मीना एवं मुख्य अभियंता (विशेष प्रोजेक्ट्स) श्री दिलीप गौड़, मुख्य अभियंता (नागौर) श्री दिनेश गोयल, मुख्य अभियंता (जोधपुर) श्री नीरज माथुर, जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता श्री अमरजीत मेहरड़ा एवं हनुमानगढ़ में आईजीएनपी के मुख्य अभियंता श्री विनोद मित्तल के अलावा सम्बंधित जिलों के पीएचईडी, जल संसाधन विभाग एवं इंदिरा गांधी नहर परियोजना के अधिकारी भी जुड़े।