Thar, पोस्ट बीकानेर। प्रसिद्ध गीतकार पंडित भरत व्यास की पुण्यतिथि के अवसर पर कला, साहित्य और संस्कृति मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए हैं।
डॉ. कल्ला ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा है कि पंडित भरत व्यास ने ‘ओ पवन वेग से उड़ने वाले घोड़े’ और ‘आ लौट के आजा मेरे मीत’ जैसे अमर गीत लिखे, जो आज भी बेहद लोकप्रिय हैं।डॉ. कल्ला ने कहा कि उन्होंने पंडित भरत व्यास को निकट से देखा। वह एक बेहतरीन आशु कवि थे। जब वे मंत्री बनकर मुंबई गए तो पंडित भरत व्यास ने उन पर भी हाथों-हाथ एक गीत लिख दिया। डॉ कल्ला ने कहा कि पंडित भरत व्यास की रचनाओं में मिठास था और साहित्य झलकता था।
उनकी स्मृतियों को चिरस्थाई रखने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि राजस्थानी भाषा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी बीकानेर तथा राजस्थान साहित्य अकादमी उदयपुर की ओर से जनवरी में पंडित भरत व्यास की जयंती के अवसर पर विशेषांक प्रकाशित किए जाएंगे, जिससे पंडित भरत व्यास की स्मृति वर्षों तक बनी रहे। साथ ही उन्होंने बीकानेर नगर निगम का आह्वान किया कि नत्थूसर गेट से हरोलाई हनुमान मंदिर की तरफ जाने वाले रास्ते को पंडित भरत व्यास मार्ग घोषित किया जाए। साथ ही उन्होंने संगीत नाटक अकादमी गठित होने पर उदीयमान गीतकार को पंडित भरत व्यास के नाम से पुरस्कार दिए जाने की जानकारी भी दी।
डॉक्टर कल्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने भी एक बार बीकानेर प्रवास के दौरान पंडित भरत व्यास की रचनाओं को सुना और उनकी सराहना की। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी पंडित भरत व्यास के व्यक्तित्व और कृतित्व से सीख ले और अच्छे रचनाकार और साहित्यकार बने तथा बीकानेर की संगीत और साहित्य की परंपरा को आगे बढ़ाएं, यही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
लाडले गीतकार भरत व्यास के नाम से अवार्ड की घोषणा का स्वागत: जोशी
हिन्दी-राजस्थानी भाषा के लोकप्रिय गीतकार पण्डित भरत व्यास की जयंती के अवसर पर कवि – कथाकार राजेन्द्र जोशी ने उन्हें नमन करते हुए राजस्थान के लाडले गीतकार को संवेदनशील गीतकार बताया ।
जोशी ने इस अवसर पर राजस्थान सरकार के ऊर्जा एवं जनस्वास्थय ,कला साहित्य एवं संस्कृति मंत्री डॉ बी डी कल्ला द्वारा भरत व्यास के नाम से संगीत नाटक अकादमी के माध्यम से अवार्ड की घोषणा किये जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की है, जोशी ने कहा कि राज्य के कलाकारों के प्रति सरकार को कृतज्ञता व्यक्त करनी चाहिए ।
बीकानेर नगर निगम द्वारा भरत व्यास के नाम से पार्क बनाये जाने की घोषणा के लिए महापौर श्रीमती शुशीला कंवर राजपुरोहित का भी धन्यवाद ज्ञापित किया है ।
पंडित भरत व्यास को याद किया अमन कला केंद्र द्वारा फेसबुक पेज पर लाइव गीतों का कार्यक्रम आ लोट के आजा मेरे गीत का आयोजन किया गया जिसमें संस्था के अध्यक्ष एम रफीक कादरी ने भरत व्यास की पुण्यतिथि पर उनके लिखे हुए गीत गाकर उन्हें याद किया संस्था के सचिव अनवर अजमेरी ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत फिल्म दो आंखें बारह हाथ की प्रार्थना ए मेरे ऐ मालिक तेरे बंदे हम ऐसे हो हमारे करम से प्रोग्राम का आगाज किया उसके पश्चात फिल्म संत ज्ञानेश्वर का गीत ज्योति से ज्योत जगाते चलो प्रेम की गंगा बहाते चलो सारंगा तेरी याद में नैन हुए बेचैन फिल्म जनम जनम के फेरे का गीत जरा सामने तो आओ छलिए चुप-चुप चलने में क्या राज है फिल्म रानी रूपमती का यह गीत आ लोट के आजा मेरे मीत तुझे मेरे गीत बुलाते हैं फिल्म नवरंग का गीत आधा है चंद्रमा रात आधी रह न जाए तेरी मेरी बात आधी फिल्म दिया और तूफान का गीत निर्बल से लड़ाई बलवान की यह कहानी है दिए की और तूफान की फिल्म गूंज उठी शहनाई का गीत लता जी का गाया हुआ दिल का खिलौना हाय टूट गया जैसे गीत सुना कर पंडित भरत व्यास को श्रद्धांजलि दी गई