Thar पोस्ट, न्यूज। बीकानेर भी अब पंजाब की राह पर नशे की गिरफ्त में आ रहा है। यह शहर भले ही छोटा हो, लेकिन अपराध की दर यहाँ अधिक है। बीकानेर में सभी तरह के नियम केवल कागजों तक सीमित है। शहर में हथियार व नशा भी सहज सुलभ है और यहां अपराधियों व बदमाशों की मौज हाथ लगी है। बीकानेर में यदि किसी को हथियार चाहिए तो आसानी से मिल सकते है। इसमें पिस्तौल, चाकू, तलवार आदि शामिल है। नशे की तो बात ही छोड़ो। न केवल सार्वजनिक स्थलों बल्कि गलियों तक ‘चावल’ के नाम से नशा उपलब्ध हो रहा है। कई स्थानों पर हुक्काबार भी चल रहे हैं। इसकी जानकारी जिला प्रशासन को ना हो ऐसी बात भी नहीं है। समय समय पर प्रशासन कार्रवाई भी करता है। जब भी बीकानेर में कोई वारदात होती है तो एक बार पुलिस प्रशासन ताबड़तोड़ कार्रवाई करता है बाद में हालात फिर से उसी ढर्रे पर आ जाते हैं। बीकानेर जिले में रात 10 बजे तक ही दुकाने खुली रखने का नियम है लेकिन देर रात तक दुकानें खुली रहती है। कई बाज़ार देर रात तक खुले रहते है। इसमें पुराने शहर व बाहरी कॉलोनियां शामिल है। व्यास कॉलोनी में हुई वारदात भी रात में हुई। यहां भी वारदात के दौरान अनेक युवा मौजूद थे। यहां हुई वारदातें : बीकानेर को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह है कि हथियारों की आपूर्ति कहा से हो रही है ? बीकानेर में हाल ही में ना केवल परकोटे के अंदर बल्कि बाहरी कॉलोनियों में भी वारदातें हुई है। जेएनवी कॉलोनी में मर्डर की वारदात के साथ ही एक घर मे दारू की बोतलें फेंकने, मारपीट, घरों में चोरी की वारदाते, छीना झपट्टी, चैन स्नैचिंग, वाहन चोरी, दुष्कर्म, ऑनलाइन ऑफलाइन धोखाधड़ी सहित अनेक वारदातें आये दिन हो रही है। अनेक बार पीड़ित ही चुप्पी साध लेते है इसके चलते मामले दर्ज नही होते। परकोटे के गोकुल सर्किल से नया शहर पुलिस थाने के बीच, दाऊजी रोड, रेलवे ऑडिटोरियम के पास अनेक घटनाएं हुई है। जिसमें महिलाओं की चैन छीनने की अधिक घटनाएं हुई है। अनेक लोग ऑनलाइन धोखाधड़ी के शिकार हो चुके है।