Thar पोस्ट न्यूज। राजस्थान सोसाइटी ऑफ एनेस्थीसियोलॉजिस्ट (RSA) के 28वें वार्षिक सम्मेलन का बीकानेर में भव्य शुभारंभ हुआ। इस बार एनेस्थीसिया विभाग की 26वीं एनुअल स्टेट कॉन्फ्रेंस का आयोजन बीकानेर में किया गया, जिसमें देश-विदेश के प्रमुख विशेषज्ञों ने भाग लिया। सम्मेलन का उद्घाटन विभिन्न राज्यों से आए डॉक्टरों की मौजूदगी में संपन्न हुआ, जो एनेस्थीसिया क्षेत्र में नवीनतम प्रगति और तकनीकों पर केंद्रित रहा।

सम्मेलन में दिल्ली, मध्य प्रदेश, जोधपुर, पुणे और कोयंबटूर जैसे स्थानों से नामी डॉक्टरों ने शिरकत की। प्रमुख विशेषज्ञों में डॉ. बबीता माथुर (मंगलागिरी), डॉ. घनश्याम (जोधपुर एम्स), डॉ. निखिल कोठारी, डॉ. राकेश (पुणे), डॉ. मनीषा, डॉ. माधुरी खुर्दी (कोयंबटूर अस्पताल) शामिल रहीं।

आयोजन समिति अध्यक्ष डॉ. कांता भाटी ने अतिथियों का बीकानेरी संस्कृति से स्वागत किया ओर कार्यक्रम का विधिवत शुभारम्भ करवाया.

सम्मेलन मे कोयंबटूर अस्पताल के डॉक्टर, जो भारतीय सोसाइटी ऑफ एनेस्थीसियोलॉजिस्ट (ISA) के प्रेसिडेंट और वर्ल्ड फेडरेशन की एलर्जिक कमिटी के सेक्रेटरी भी हैं, ने विशेष रूप से अपनी भागीदारी दर्ज की। कुल 350 पंजीकरण होने से यह स्टेट कॉन्फ्रेंस एक सफल आयोजन के रूप में उभरा।

सम्मेलन के दौरान अकादमिक चर्चाओं और ज्ञान विनिमय पर विशेष जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने एनेस्थीसिया क्षेत्र में हो रहे नवीनतम एडवांसमेंट्स पर प्रकाश डाला, जिसमें वर्कशॉप के माध्यम से नई तकनीकों का प्रदर्शन किया गया।

आयोजकों के अनुसार, यह आयोजन युवा एनेस्थीसियोलॉजिस्ट्स और छात्रों के लिए अत्यंत लाभदायक सिद्ध होगा। इससे उन्हें सीनियर फैकल्टी के अनुभव से लाभ मिलेगा, क्षेत्र में प्रगति का आकलन करने का अवसर मिलेगा तथा फील्ड चुनने और कौशल सुधारने में मदद मिलेगी।

निश्चेतन विभाग की इस कॉन्फ्रेंस को सफल बनाने में संस्थान के प्रिंसिपल एंड कंट्रोलर तथा पैट्रन डॉ. गुंजन सोनी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने समय-समय पर आयोजकों को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया और अपनी प्रतिबद्धता दिखाई। कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. यूनुस खिलजी ने कुशलतापूर्वक किया, जबकि आयोजन सचिव सोनाली धवन ने सभी अतिथियों को धन्यवाद ज्ञापित किया।

राजस्थान सोसाइटी ऑफ एनेस्थीसियोलॉजिस्ट के पदाधिकारियों ने बताया कि यह सम्मेलन न केवल राज्य स्तर पर एनेस्थीसिया शिक्षा को मजबूत करेगा, बल्कि युवा पीढ़ी को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में भी सहायक सिद्ध होगा। सम्मेलन विभिन्न सत्रों के माध्यम से जारी रहेगा, जिसमें केस स्टडीज, पैनल डिस्कशन और हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग शामिल हैं।