Thar पोस्ट, न्यूज। बीकानेर में रेजिडेंट डॉक्टर पर हमले के मामले को लेकर कैंडल मार्च निकाला गया। वारदात को लेकर रेजिडेंट डॉक्टर उद्देलित है। वहीं मोडिकल कॉलेज प्रशासन ने पीबीएम हॉस्पिटल कैंपस और गर्ल्स हॉस्टल्स की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की कवायद शुरू कर दी है। मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल ने सभी विभागाध्यक्ष और चिकित्साधिकारियों की बैठक लेकर सुरक्षा व्यवस्था के लिए कई निर्णय लिए हैं। कॉलेज प्राचार्य डॉ गुंजन सोनी ने इस मामले को गंभीरता से लिया है आपराधिक और असामाजिक गतिविधियों की रोकथाम करने के लिए पीबीएम हॉस्पिटल कैंपस को अभय कमांड सेंटर से जोड़ने की तैयारी की जा रही है।
मानसिक रोग विभाग की रेजिडेंट डॉक्टर तुलसी शर्मा पर हमले के विरोध में पीबीएम के सभी रेजिडेंट डॉक्टरों ने शाम को कैंडल मार्च निकाला। रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अभिजीत यादव ने बताया कि मार्च में आठ सौ से ज्यादा डॉक्टर और स्टूडेंट्स भी शामिल हुए। पीबीएम कैंपस का बाहर से राउंड लिया गया।रेजिडेंट डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर एसोसिएशन का धरना और क्रमिक अनशन जारी रहा। डॉ. यादव का कहना है कि हमलावर के नहीं पकड़े जाने पर सभी में आक्रोश है। जब तक सुरक्षा के पुख्ता इंतजार और व्यवस्थाएं सुचारू नहीं होती धरना जारी रहेगा।
मां वीडियो कॉल पर थी: डॉ. तुलसी
मैं रात को करीब दस बजे वॉशिंग मशीन में कपड़े धो कर सुखा रही थी और साथ ही वीडियो कॉल पर पापा-मम्मी से भी बात चल रही थी। मोबाइल सामने ऊंचाई पर रखा हुआ था। पीछे जाली का गेट खुला था। अचानक सिर पर दो-तीन बार हल्का वार हुआ। पहले समझा साथ वाली रेजिडेंट मजाक कर रही होंगी वीडियो कॉल में किसी युवक के दिखाई देने पर मम्मी बोलीं, पीछे देख। मैं तत्काल मुड़ी। मुंह पर डाटा बांधे युवक के हाथ में ईंट थी। उसने जोर से सिर पर मारी। मैंने उसे धक्का दिया, जिससे वह बाहर गिर पड़ा। मौका पाकर मैं चिल्लाते हुए गेट की तरफ दौड़ी और चिटकनी खोली। मेरे साथ वाले रूम में रह रहीं रेजिडेंट आ गई। तब तक बदमाश भाग चुका था। उसके मुंह से शराब की दुर्गंध आ रही थी। इस घटना को लेकर घबराई डॉ. तुलसी ने तीन दिन बाद मुंह खोला है। उसके माता-पिता भी यहां पहुंच गए हैं। बेटी के साथ हुई घटना से वे भी दुखी हैं। उन्हें बेटी की सुरक्षा की चिंता सता रही है। रेजिडेंट डॉक्टर भी तुलसी को अकेला नहीं छोड़ रहे।
• महिला रेजिडेंट डॉक्टरों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। कॉलेज के सभी चिकित्साधिकारियों की मीटिंग में कई सुझाव आए हैं। उनमें अनुरूप व्यवस्थाएं की जाएंगी। पीबीएम को अभय कमांड सेंटर से जोड़ने के लिए जिला कलेक्टर को लिखा गया है। डॉ. गुंजन सोनी, प्रिंसिपल, एसपी मेडिकल कॉलेज जिला कलेक्टर को पत्र लिखा है। इसके लिए पहले स्टूडेंट वेलफेयर फंड से पूरे कैंपस में सीसी टीवी कैमरे लगाए जाएंगे। अभय कमांड सेंटर से जुड़ने के बाद पूरे कैंपस और गर्ल्स हॉस्टल पर पुलिस की निगरानी रहेगी। हर गतिविधि कैमरों में कैद होती रहेगी। इससे वाहन चोरी की वारदातों पर भी अंकुश लगेगा। मानसिक रोग विभाग के ट्रेनिंग हॉस्टल की सुरक्षा के लिए इसी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. राकेश गढ़वाल को केयर टेकर लगाया गया है। हॉस्टल में रहने वाले रेजिडेंट डॉक्टर्स को कोई दिक्कत होने पर डॉ. गढ़वाल को तत्काल मौके पहुंचना होगा। पेशेंट के अटेंडेंट को टोकन पर मिलेगा 5 रुपए में भोजन इसके लिए वार्ड में भर्ती मरीज के नाम से टोकन जारी होगा। उसे दिखाने पर ही भोजन मिलेगा।
यह भी सुधार होंगे
• गर्ल्स हॉस्टल के रास्ते रात के समय बंद किए जाएंगे। वहां बेरिकेडिंग होगी। सुरक्षाकर्मी तैनात रहेगा। • जहां चार दीवारी नीचे है उसे पीडब्ल्यूडी के सहयोग से ऊंचा कराया जाएगा। • ड्रेनेज सिस्टम को जल्दी ही शुरू कराया जाएगा।
• कैंटीनों पर रात के समय पुलिस और पीबीएम के सुरक्षा प्रभारी रोज जांच करेंगे। आम तौर पर रात के समय लोग कैंटीन के साये में बैठकर शराब पीते हैं।