





Thar पोस्ट न्यूज। नहर बन्दी का सर्वाधिक असर राजस्थान के एक दर्जन जिलों पर पड़ेगा। राजस्थान की जीवन रेखा मानी जाने वाली इंदिरा गांधी नहर में पूर्ण नहरबंदी रहेगी। वर्तमान में नहर से केवल पीने का पानी ही दिया जा रहा है, लेकिन नहरबंदी के बाद यह आपूर्ति भी बंद हो जाएगी। इससे बीकानेर, जोधपुर, बाड़मेर, जैसलमेर, नागौर, चूरू, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, फलौदी, सीकर और झुंझुनूं जैसे जिलों में पेयजल संकट उत्पन्न होने की आशंका है। नहरबंदी की स्थिति में अगले 30 दिन तक नहर में पानी नहीं आएगा। नहरबंदी गर्मियों में इसलिए होती है क्योंकि यह समय रबी की फसल कटाव का होता है अगले कुछ महीने किसानों के खेत खाली रहते हैं जिसके चलते नहरी क्षेत्रों के किसानों को पानी की आवश्यकता कम होती है। ऐसे में पंजाब और राजस्थान मिलकर अप्रैल-मई में नहर की मरम्मत और सिल्ट निकासी का कार्य करते हैं। पश्चिमी राजस्थान के 12 से ज्यादा जिलों में जलसंकट की आशंका पैदा हो गई है। हालांकि नहर बंदी का यह अंतिम साल माना जा रहा है। मरम्मत योजना पूरी हो जाएगी। यह रहेगा असर : अवधि: नहरबंदी 17 अप्रैल से शुरू होकर 11 मई तक चलेगी। इन जिलों में असर





- प्रभावित क्षेत्र: बीकानेर, गंगानगर, हनुमानगढ़, जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर सहित पश्चिमी राजस्थान के 13 जिले।
- जल आपूर्ति: बीकानेर शहर में अब हर 48 घंटे (एक दिन छोड़कर एक दिन) में पानी की सप्लाई होगी।
- वैकल्पिक इंतजाम: पानी की किल्लत को देखते हुए स्थानीय प्रशासन द्वारा डिग्गियों में पानी का भंडारण किया जा रहा है।
- समस्या: भीषण गर्मी के दौरान पानी की कमी से टैंकरों के दाम बढ़ गए हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट की संभावना है। पानी चोरी पर होगी कार्रवाई। टैंकरों की दरें तय। कंट्रोल रूम स्थपित।