Thar पोस्ट, जयपुरबीकानेर

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने बीकानेर के राजकीय पाॅलिटेक्निक महाविद्यालय में केमिकल इंजीनीयरिंग विषय प्रारम्भ करने की घोषणा किये जाने की मांग की है ।डॉ. पूनियां ने गहलोत को पत्र में लिखा कि, जैसा की सर्वविदित है कि बीकानेर संभाग में तेल व प्राकृतिक गैस की अपार संभावनाएं है तथा बीकानेर में कच्चे तेल के रखरखाव हेतु भण्डारण केन्द्र भी बनाया जाना प्रस्तावित है। बीकानेर जिले में तेल एवं गैस की खोज के लिये सर्वे का कार्य प्रारम्भ किया गया है।बीकानेर से समीपवर्ती जिला बाड़मेर में रिफाइनरी (पंचभद्रा) में रोजगार प्राप्त करने में सर्वाधिक संभावनाएं केमिकल इंजीनीयरिंग विषय से जुड़ी है।
उक्त के क्रम में आपका ध्यान आकृष्ट कर अवगत कराना चाहता हूँ कि बीकानेर संभाग के किसी भी राजकीय पाॅलिटेक्निक महाविद्यालय में केमिकल इंजीनीयरिंग विषय अध्ययन हेतु वर्तमान में संचालित नहीं है। ऐसी स्थिति में बीकानेर संभाग के छात्र जो केमिकल इंजीनीयरिंग विषय में अध्ययन (डिप्लोमा) करना चाहते हैं, उनको इस विषय से वंचित होना पड़ रहा है अथवा अन्यत्र दूरस्थ स्थानों (लगभग 400-500 किमी दूर) पर अध्ययन हेतु जाना पड़ रहा है जिस कारण इन छात्रों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड रहा है तथा वहां के महाविद्यालयों में सीमित संख्या में सीट होने के कारण कई बार प्रवेश से भी वंचित होना पडता है।इंजीनीयरिंग (डिप्लोमा) विषय के ऐसे छात्र जो केमिकल इंजीनीयरिंग विषय में अध्ययन (डिप्लोमा) करना चाहते हैं के द्वारा जनप्रतिनिधियों से बीकानेर संभाग के पाॅलिटेक्निक महाविद्यालय में केमिकल इंजीनीयरिंग का विषय प्रारम्भ करने कीे मांग निरंतर की जाती रही है।

भाजपा की बीकानेर संभाग समीक्षा बैठक मंगलवार को।बीकानेर शहर, बीकानेर देहात, गंगानगर, हनुमानगढ़ और चुरू से वरिष्ठ पार्टी पदाधिकारी लेंगे हिस्सा। भारतीय जनता पार्टी बीकानेर संभाग की “संभाग समीक्षा बैठक” मंगलवार को प्रातः 11:30 से 4:30 बजे तक स्टेशन रोड़ स्थित होटल वृंदावन में आयोजित की जाएगी।भाजपा जिलाध्यक्ष अखिलेश प्रताप सिंह ने बताया कि प्रदेश भाजपा द्वारा प्राप्त निर्देशों के अनुसार संभाग समीक्षा बैठक का आयोजन किया जा रहा है जिसमें भारतीय जनता पार्टी के बूथ समिति निर्माण और समर्पण निधि अभियान की समीक्षा के साथ साथ पूर्व में आयोजित संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा एवं आगामी कार्ययोजना के बारे में गहन चर्चा की जाएगी।

सिंह ने बताया कि बैठक में अपेक्षित श्रेणी के कार्यकर्ता ही भाग लेंगे जिनमें बीकानेर शहर, बीकानेर देहात, गंगानगर, हनुमानगढ़ और चुरू से जुड़े प्रदेश पदाधिकारी, जिला प्रभारी, जिलाध्यक्ष, विधानसभा प्रवासी, जिला बूथ अभियान प्रभारी, विस्तारक योजना प्रवासी, जिला कोषाध्यक्ष, समर्पण निधि अभियान जिला संयोजक सम्मिलित रहेंगे।उन्होंने बताया कि बैठक में भाजपा प्रदेश महामंत्री और राजसमंद सांसद दीया कुमारी, प्रदेश उपाध्यक्ष और बीकानेर संभाग संगठन प्रभारी माधोराम चौधरी, प्रदेश मंत्री विजेंद्र पूनिया, बीकानेर शहर जिला संगठन प्रभारी ओम सारस्वत और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भाग लेंगे।

Thar post बीकानेर।विश्व मातृभाषा दिवस को समर्पित तीन दिवसीय समारेाह के दूसरे दिन आज ‘भाषा’ पर केन्द्रित त्रिभाषा काव्य गोष्ठी का आयोजन वरिष्ठ कवि कथाकार एवं आलोचक कमल रंगा की अध्यक्षता में हुआ।
‘भाषा‘ को केन्द्र में रखकर आज नगर के विशेष आमंत्रित कवि शायरों ने राजस्थानी हिन्दी और उर्दू भाषा में अपनी कविता, गीत, गजल एवं अन्य काव्य उपविधा के माध्यम से मातृभाषा के महत्व को रेखंाकित किया। साथ ही भाषा के वैभव एवं इसके हमारे जीवन में महत्व को भी अलग-अलग अंदाज से उकेरा गया।
प्रज्ञालय संस्थान एवं राजस्थानी युवा लेखक संघ के साझा आयोजन की अध्यक्षता करते हुए कहा कि हर कवि शायर मातृभाषा के माध्यम से अपनी काव्य रचना को बेहतर से बेहतर सृजित कर सकता है। साथ ही अपनी संवेदनाओं और अनुभव संसार को एक नई रंगत देते हुए पाठकों से अपना गहरा रागात्मक रिश्ता जोडता है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ कवि कथाकार प्रमोद शर्मा ने कहा कि मातृभाषा के माध्यम से रचनाकार अपनी सशक्त अभिव्यक्ति दे पाता हैं जिससे ही रचनाकार की रचना का पाठक को सृजनात्मक सुख देने का काम करता है।
वरिष्ठ कवि शिवशंकर शर्मा ने अपनी कविता के माध्यम से भाषा वैभव को रेखांकित किया। कवि प्रो. नृसिंह बिन्नाणी ने अपनी रचना के माध्यम से मातृभाषा को समर्पित कविता के रंग श्रोताओं से साझा किए तो कवि जुगल पुरोहित ने अपनी रचना को रखते हुए के जरिये मातृभाषा के संबंध में अपनी बात कही। काव्य गोष्ठी में युवा कवि विपल्व व्यास ने अपनी रचना से मातृभाषा और व्यक्ति के रिश्तों को उकेरा।कमल रंगा ने मातृभाषा को समर्पित अपनी रचना के माध्यम से भाषा मान्यता इतिहास को रेखांकित किया तो कवि कैलाश टाक ने मातृभाषा को समर्पित अपनी रचना के माध्य से राजनेताओं को चेताते हुए भाषा की अनदेखी करने का दर्द बयां किया। काव्य गोष्ठी में कवि गिरीराज पारीक ने अपनी नई काव्य रचना को प्रस्तुत कर मातृभाषा और मानवीय सरोकार को सामने रखा। काव्य गोष्ठी में अन्य कवि शायरों ने एक से एक बढ़कर मातृभाषा पर केन्द्रित अपनी काव्य प्रस्तुतियां पेश कर भाषा के वैभव को रेखांकित किया।
प्रारंभ में सभी का स्वागत युवा शिक्षाविद् राजेश रंगा ने करते हुए मातृभाषा राजस्थानी के अधिकाधिक प्रयोग का अनुरोध किया। कवि गिरीराज पारीक ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए कहा कि मातृभाषा राजस्थानी को शीघ्र मान्यता मिलनी चाहिए। कार्यक्रम में मदनगोपाल व्यास ‘जैरी’, मदनमोहन व्यास, भवानी सिंह, अशोक शर्मा, तोलाराम, कार्तिक मोदी, आशिष रंगा, घनश्याम ओझा आदि ने काव्य रस का आनंद लिया व आभार संस्कृतिकर्मी डॉ. फारूक चौहान ने ज्ञापित किया।