Thar पोस्ट, न्यूज। भारत के केरल में 20 हजार से ज्यादा पक्षियों को मारने का आदेश दिया जा चुका है। वहीं इंग्लैंड में भी सरकार ने पोल्ट्री फार्मों और पक्षी पालने वालों को भी कह दिया है कि वो 7 नवंबर से अपने पक्षियों को अंदर ही रखें. ये इसलिए क्योंकि कोरोना के बाद अब बर्ड फ्लू का खतरा बढ़ता जा रहा है।भारत में अभी केरल में बर्ड फ्लू का खतरा सबसे ज्यादा है. यहां के अलप्पुझा जिले के हरिपद नगर पालिका में कई पक्षियों की मौत के बाद प्रशासन ने 20,471 बत्तखों को मारने का आदेश दिया है. इतना ही नहीं, कलेक्टर ने बत्तख, मुर्गी, बटेर समेत घरेलू पक्षियों के अंडे और मांस को खाने और बेचने पर भी रोक लगा दी है. ये सब इसलिए किया जा रहा है ताकि बर्ड फ्लू को फैलने से रोका जा सके.केरल में बर्ड फ्लू का खतरा बढ़ता देख केंद्र सरकार भी अलर्ट पर है. दो दिन पहले ही केंद्र सरकार ने एक हाईलेवल टीम अलप्पुझा भेजी है. केंद्र की टीम को जिला कलेक्टर वीआर कृष्णा ने बताया कि 15 हजार से ज्यादा बत्तखों को मारा जा चुका है.
इंग्लैंड में भी सरकार ने सभी पोल्ट्री फार्मों और पक्षी पालने वालों को 7 नवंबर से अपने पक्षी अंदर ही रखने को कहा है. सरकार का कहना है कि घर में रहने वाले पक्षियों में बर्ड फ्लू का खतरा कम है, इसलिए उनकी सलामती के लिए अंदर ही रखा जाए.
क्या है ये बर्ड फ्लू?
– बर्ड फ्लू को एवियन इन्फ्लुएंजा भी कहते हैं, जो एक वायरल इन्फेक्शन है. ये पक्षियों से पक्षियों में फैलता है और ज्यादातर पक्षियों के लिए जानलेवा भी साबित होता है.अमेरिका के सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल (CDC) के मुताबिक, बर्ड फ्लू आमतौर पर जंगली पक्षियों के जरिए पालतू पक्षियों में फैलता है. सीडीसी का कहना है कि ये वायरस पक्षियों की आंतों या श्वसन तंत्र पर हमला करता है और उन्हें बीमार कर देता है. कई मामलों में इससे पक्षियों की मौत भी हो जाती है. ये वायरस भी आम वायरस की तरह ही फैलता है. सीडीसी का कहना है कि संक्रमित पक्षी की लार, नाक से निकलने वाला लिक्विड या मल के जरिए वायरस फैल सकता है. ऐसे में जब दूसरा पक्षी इससे संपर्क में आता है, तो वो भी संक्रमित हो सकता है.WHO के मुताबिक, वायरस से बचने के लिए बार-बार हाथ धोते रहना चाहिए, खांसते या छींकते समय नाक और मुंह को ढककर रखना चाहिए, बीमार होने या लक्षण दिखने पर आइसोलेट हो जाना चाहिए या बीमार व्यक्ति के संपर्क में आने से बचना चाहिए और आंख, नाक या मुंह को बार-बार छूने से बचना चाहिए.