ताजा खबरे
रेलवे पुलिस की अनुकरणीय पहल, बेटी मानकर भरा मायरादेर रात मौसम विभाग ने 12 जिलों की रिपोर्ट जारी कीअनुपस्थित मिले कार्मिकों के विरुद्ध होगी कार्रवाई, जिला मुख्यालय पर विभिन्न कार्यालयों का आकस्मिक निरीक्षणमीडिया काउंसिल ऑफ जर्नलिस्ट्स का सदस्यता अभियान 1 मई सेपाकिस्तान से जुड़े थे तार! **70 करोड़ रुपए की हेरोइन बरामदगी मामले में दो गिरफ्तार, पुलिस अधीक्षक की प्रेस वार्ताकोटगेट पर कांग्रेस का प्रदर्शनव्यापार मंडल के अध्यक्ष राठी ने शोभासर औद्योगिक क्षेत्र की समस्याओं के समाधान हेतु जिला कलेक्टर से की वार्तातरबूज मिलावटी या जहरीला जानलेवा तो नहीं? ऐसे करें पहचान, चिकित्सक ने 4 जनोँ की मौत की वजह बताईसांखला व कोटगेट रेलवे फाटक पर जाम के दौरान लगेगा छाया टेंट, श्याम पंचारिया की मांग पर जिला कलेक्टर ने दिए निर्देशगंगा तट पर होगा चार दिवसीय यज्ञोपवित संस्कार, बीकानेर से सैकड़ों बच्चे धारण करेंगे जनेऊ
IMG 20241023 101608 15 बीकानेर थिएटर फेस्टिवल : संभागीय आयुक्त डॉ.रवि कुमार सुरपुर ने जारी किया नाटकों का शेड्यूल Rajasthan News Portal साहित्य
Share This News

Thar पोस्ट न्यूज8 से 12 मार्च तक बीकानेर में कलाधर्मी बिखेरेंगे रंगकर्म की छटा
बीकानेर थिएटर फेस्टिवल में रंगमंच के कैनवास पर देशभर के रंगधर्मी अपनी कला की विभिन्न छटाएं बिखेरेंगे। बीकानेर के रंग प्रेमी देश के ख्यातनाम कलाकारों की कला से रूबरू हो सकेंगे। विधिवत रूप से रंगकर्म के महाकुंभ का उद्घाटन 8 मार्च को होगा। संभागीय आयुक्त डॉ.रवि कुमार सुरपुर ने सोमवार को नाटकों का शेड्यूल जारी किया।

img 20250303 wa00419043642066417908360 बीकानेर थिएटर फेस्टिवल : संभागीय आयुक्त डॉ.रवि कुमार सुरपुर ने जारी किया नाटकों का शेड्यूल Rajasthan News Portal साहित्य

अब 8 से 12 मार्च तक एक से एक बेहतरीन और बहुरंगी नाटक, लोगों को देखने को मिलेंगे। इससे पहले सात मार्च को शाम साढ़े सात बजे से टीएम ऑडिटोरियम में लोक संगीत संध्या होगी।
इस मौके पर संभागीय आयुक्त डॉ.रवि कुमार सुरपुर ने कहा कि बीकानेर की रंग परंपरा अपने आप में खास है। ऐसे आयोजन इसे और नई पहचान दिलाएंगे।

थिएटर फेस्टिवल रंग शख्सियत राजेन्द्र गुप्ता को समर्पित रहेगा। इसमें पांच दिन में 25 नाटकों का मंचन अलग-अलग रंगमंचों पर होगा। गौरतलब है कि आयोजन जिला प्रशासन, बीकानेर विकास प्राधिकरण, नगर निगम और उत्तर पश्चिम रेलवे के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। वहीं अनुराग कला केन्द्र, विरासत संवर्धन संस्थान, हंसराज डागा चेरिटेबल ट्रस्ट, होटल मिलेनियम, और सेठ तोलाराम बाफना अकादमी इसमें अहम भागीदारी निभा रहे हैं।

यह रहेगा कार्यक्रम
आयोजन से जुड़े हंसराज डागा के अनुसार नाटकों का आगाज आठ मार्च को सुबह टीएम ऑडिटोरिम में सुबह 11:30 बजे शिकस्ता से होगा। प्रत्येक दिन चार नाटकों का मंचन होगा। यह नाटक टीएम ऑडिटोरियम, टाउन हॉल, रविन्द्र रंगमंच में मंचित होंगे।

इसी तरह दूसरे दिन 9 मार्च को पहला नाटक टीएम ऑडिटोरियम में जयपुर का अंतर्मन के धागे ‘एक अमृता’ का मंचन होगा। दूसरे दिन भी चार नाटक मंचित होंगे। तीसरे दिन 10 मार्च को पहला नाटक सुबह के सत्र में ‘नेक चोर’ का मंचन होगा। इसके बाद तीन नाटकों का मंचन होगा। वहीं 11 मार्च को पहला बीकानेर का दुलारी बाई के अलावा तीन और नाटकों का मंचन होगा। अंतिम दिन 12 मार्च को पहले सत्र में श्रीगंगानगर का नाटक ‘ये आदमी ये चूहे’ का मंचन होगा।

अंतिम नाटक “हम दोनों” से महोत्सव का समापन होगा। आयोजन से जुड़े परमजीत बोहरा ने बताया कि मास्टर क्लास के लिए 50 युवाओं का रजिस्ट्रेशन अब तक हो चुका है। इसमें 35 से अधिक अन्य शहरों के हैं और शेष बीकानेर के है। मास्टर क्लास में बीकानेर थिएटर फेस्टिवल में लाइटिंग, एक्टिंग और कथा गायन शैली की मास्टर क्लास राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय स्नातक अजय कुमार,अरुण व्यास, स्वाति होंगे।

वहीं इसके कॉडिनेटर होंगे दिल्ली के अमित तिवाड़ी।
आयोजन से जुड़े टोडरमल लालाणी, जतिन दुग्गड़ ने बताया कि रंगकर्मी अमित तिवाड़ी के निर्देशन में बीकानेर के विभिन्न स्थनों पर दिल्ली के कलाकारों द्वारा नुक्कड़ नाटकों की दमदार प्रस्तुति दी जाएगी।

यहां रहेगी पुस्तक दीर्घा…
बीकानेर थिएटर फेस्टिवल के दौरान हंशा गेस्ट हाउस में गायत्री प्रकाशन और पारायण फाउंडेशन द्वारा ‘पुस्तक-दीर्घा” का आयोजन इस बार भी किया जा रहा है। गायत्री प्रकाशन के ‘जन तक सृजन” अभियान के तहत आयोजित इस पुस्तक-दीर्घा का उद्देश्य किताबों को पाठकों तक पहुंचाना है। इस दीर्घा में प्रदर्शित पुस्तकें फेस्टिवल के दौरान बनाई गई दीर्घा में रहकर ही देखी-पढ़ी जा सकती है। इन पुस्तकों का विक्रय नहीं होगा।

दीर्घा के संयोजक हरीश बी.शर्मा ने बताया कि यह ‘जन तक सृजन” अभियान की एक महती योजना है, जिसका उद्देश्य स्थान-स्थान पर पुस्तक-दीर्घाएं आयोजित करके आम लोगों को पुस्तकों से अवगत करवाना है। लेखक व प्रकाशक चाहे तो हंशा गेस्ट हाउस में पुस्तक-दीर्घा में अपनी किताबें भी रखवा सकते हैं।


Share This News