Thar पोस्ट न्यूज। राजस्थान की हवा भी दूषित हो रही है। प्रदेश के जयपुर समेत भिवाड़ी, सीकर, श्रीगंगानगर जैसे शहरों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। वाहनों से उड़ती मिट्टी व धुंआ, रोड डस्ट, बढ़ता ट्रैफिक और औद्योगिक प्रदूषण इसके मुख्य कारण माने जा रहे हैं। जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा और अलवर जैसे बड़े शहरों में वायु गुणवत्ता गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। जयपुर के मानसरोवर इलाके में AQI का स्तर 343 तक पहुंच गया है, जो बहुत खराब श्रेणी में आता है। इसके अलावा रीको सीतापुरा और मुरलीपुरा क्षेत्र में भी हवा की गुणवत्ता गंभीर रूप से खराब है। सुबह और दोपहर के समय ठंड और धुंध ने हालात को और खराब कर दिया है।

वायु प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए राजस्थान सरकार ने अलवर और भरतपुर जिलों में सख्त कदम उठाए हैं। ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के चौथे चरण के तहत करीब 3 हजार खदानों और ईंट भट्टों को बंद करने का आदेश दिया गया है।
ये पांच शहर रेड जोन में
राजस्थान के भिवाड़ी (रीको), जयपुर (वन मानसरोवर और रीको), कोटा (श्रीनाथपुरम) और टोंक जैसे शहर ‘रेड जोन’ में शामिल रहे। ये क्षेत्र ‘बहुत खराब’ श्रेणी के अंतर्गत आते हैं, जहां वायु प्रदूषण का स्तर सांस लेने के लिए बेहद खतरनाक है।