Thar पोस्ट, बीकानेर। भारत में भले ही वर्तमान में कोरोना कमजोर पड़ गया है लेकिन विशेषज्ञ तीसरी लहर का दावा कर रहे हैं। SBI रिसर्च की रिपोर्ट में अगस्त तक तीसरी लहर आने का दावा किया गया है। कोविड-19: द रेस टू फिनिशिंग लाइन नाम से पब्लिश इस रिपोर्ट में कहा गया कि थर्ड वेव का पीक सितंबर में आएगा।
कोरोना की स्थिति पर SBI रिसर्च रिपोर्ट में कहा गया कि 6 मई को भारत में संक्रमण के क़रीब 4,14,000 नए मामले दर्ज किए गए थे। महामारी के दौरान एक दिन में संक्रमितों की ये सबसे अधिक संख्या रही। इस दौरान दिल्ली, महाराष्ट्र और केरल जैसे बड़े राज्यों में हालात बेहद बुरे थे। रिपोर्ट के मुताबिक तीसरी लहर का पीक दूसरी लहर के पीक से दोगुना या 1.7 गुना ज्यादा होगा।
अगस्त के दूसरे पखवाड़े से बढ़ेंगे नए मामले
रिपोर्ट में कहा गया है कि अभी के डेटा के मुताबिक, जुलाई के दूसरे हफ्ते तक रोजाना नए मामलों की संख्या 10 हजार तक आ जाएगी। यह अगस्त के दूसरे पखवाड़े से फिर बढ़ना शुरू होगी।
मौत के मामलों में गिरावट
कोरोना महामारी की दूसरी लहर का कहर कम भले हो गया किंतु, यह अभी जारी है। हर रोज सैकड़ों लोग वायरस के संक्रमण से जान गंवा रहे हैं।
तीसरी लहर पर अक्टूबर-नवंबर तक का भी अनुमान
डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी ने पिछले साल कोरोना संक्रमण मामलों का अनुमान लगाने के लिए एक पैनल का गठन किया था। ये पैनल मैथमेटिकल मॉडल के जरिए अनुमान लगाता है। अब कोरोना की तीसरी लहर पर पैनल का मानना है कि अगर कोविड प्रोटोकॉल का ठीक तरह से पालन नहीं किया गया तो अक्टूबर-नवंबर में तीसरी लहर अपने पीक पर हो सकती है. हालांकि, वैज्ञानिकों का ये भी कहना है कि दूसरी लहर की तुलना में तीसरी लहर में हर दिन आने वाले नए मामलों की संख्या आधी हो सकती है।