Thar पोस्ट, बीकानेर। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार की बीकानेर जिला शाखा पुरानी गिन्नानी स्थित गायत्री शक्तिपीठ में गायत्री जयंती यज्ञ का आयोजन किया गया। यज्ञाचार्य राजीव भार्गव द्वारा गायत्री के चौईस स्वरूप का ध्यान कराते हुए विशेष रुप से गायत्री मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र तथा गंगा गायत्री की आहुतियां दिलाई गई। यज्ञ में गुरु दीक्षा, यज्ञोपवित तथा विद्यारंभ संस्कार करवाये गये। गायत्री परिवार संस्थापक परम पूज्य गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के महाप्रयाण दिवस पर विशेष जप अनुष्ठान किया गया। कोरोना गाइडलाइंस के कारण घर पर रहकर ही यज्ञ अखंड जाप के माध्यम से गायत्री जयंती मनाई गई। पवनपूरी में जवाहरलाल गंगल, गंगाशहर में पवन कुमार ओझा, जयनारायण व्यास नगर में अविनाश गोयल तथा सर्वोदय बस्ती में धर्मेंद्र यादव द्वारा हवन कर गायत्री जयंती मनाई गई।
इससे पूर्व ब्रह्म मुहूर्त में गायत्री शक्तिपीठ में स्थापित गायत्री माता, सावित्री माता तथा कुंडलिनी माता का विशेष श्रंगार करते हुए वैदिक मंत्रों से पूजन किया गया। यज्ञ की पूर्णाहुति के उपरांत गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए जिला समन्वयक करनीदान चौधरी ने कहा कि गायत्री जयंती का दिन माता गायत्री को प्रसन्न करने तथा उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए उत्तम है। इस दिन माता गायत्री की उत्पत्ति हुई थी, इसलिए गायत्री जयंती पर उनकी पूजा करने तथा मंत्रों का जाप करना कल्याणकारी होता है।
सह प्रबंध ट्रस्टी इंजीनियर अमरसिंह वर्मा ने कहा कि गीता के अनुसार यदि व्यक्ति ईश्वर को पाना चाहता है, तो उसे गायत्री मंत्र का जाप करना चाहिए। ऐसी भी मान्यता है कि गायत्री माता वेदों की जननी हैं, इसलिए गायत्री मंत्र के स्मरण मात्र से वेदों के अध्ययन जितना फल प्राप्त हो जाता है। गायत्री माता की पूजा करने से समस्त मनोकामनाओं की पूर्ति होती है और दुख दूर हो जाते हैं। ट्रस्टी रामकुमार चौहान ने गुरुदेव पंडित श्रीराम आचार्य जी के जीवन पर प्रकाश डाला। यज्ञ एवं गोष्ठी में ट्रस्टी देवेन्द्र सारस्वत, राधेश्याम नामा, मदनलाल अग्रवाल, शोभा सारस्वत, सरला चौधरी, प्रवीण तंवर तथा कौशल सिंह उपस्थित हुए।