Thar पोस्ट। भारतीय रेलवे अब निजीकरण की राह पर है। रेलवे बोर्ड ने पिछले दिनों वर्क्स स्टडी कमेटी (डब्लूएससी) को उत्तर पश्चिम रेलवे सहित देश के सभी 16 जोनल रेलवे से 13450 पदों को सरेंडर करने के निर्देश दिए हैं। इस बारे में रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि बोर्ड ने उत्तर पश्चिम रेलवे को 600 पद खत्म करने में लिए निर्देश दिए हैं।अब एसडीजीएम की अध्यक्षता वाली ये कमेटी जयपुर, जोधपुर, अजमेर और बीकानेर मंडल में उन पदों को चिन्हित करेगी, जहां कार्य नहीं होने के बाद भी पद सृजित हैं। राजस्थान में वैसे ही कोरोना खत्म होने के बाद स्थितियां सामान्य होने पर रेलवे को इलेक्ट्रिक ट्रेनें चलाने सहित अन्य कार्यों के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की आवश्कता होगी। कर्मचारी पहले से कम:
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्यालय, जयपुर, जोधपुर, अजमेर, बीकानेर मंडलों और तीनों कारखानों में 60 हजार पद स्वीकृत हैं। अभी आरपीएफ सहित अन्य विभागों में सिर्फ 45 हजार ही कर्मचारी कार्यरत हैं। सबसे ज्यादा कमी करीब 4 हजार ट्रैकमैन और गैंगमैन की है। अजमेर, बीकानेर और जोधपुर में उत्पादन इकाईयों/कारखानों में जूनियर इंजीनियर, टैक्नीशियन और हैल्पर की करीब ढ़ाई हजार और लेखा विभाग सहित मंडल कार्यालयों में मिनिस्ट्रल स्टाफ की भारी कमी है। साभार