Thar पोस्ट। कोरोना काल में कुछ लोग मौत के सौदागर बने हुए है। नया मामला गंगाशहर सेटेलाइट अस्पताल का है यहाँ लैब टैक्नीशियन व एक दलाल एसीबी के हत्थे चढ़ गया है। एसीबी एएसपी रजनीश पूनिया के अनुसार गंगाशहर अस्पताल के कार्मिक रविन्द्र उपाध्याय की शिकायत मिली थी। जिस पर एसीबी ने जाल बिछा कर गंगाशहर निवासी दलाल दीपक पुत्र अशोक गहलोत ने चौपड़ा बाड़ी निवासी भरत के यहां से सैंपल लिया। जब वह सैंपल लेकर निकलने लगा ताक लगाए बैठी एसीबी टीम ने उसे दबोच लिया। एएसपी पूनिया के अनुसार गहलोत यह सैंपल रविन्द्र को देने जा रहा था। आरोपियों ने 1600 रूपए भी लिए बताते हैं। पूनिया के अनुसार ये सैंपल गांधी चौक स्थित वी-केयर लैब में जांचें जाने थे। रविन्द्र अस्पताल के अलावा वी-केयर में भी काम कर रहा था। बता दें कि सरकारी अस्पताल में कोरोना की आर टी पीसीआर जांच मुफ्त है, बावजूद इसके सरकारी कर्मचारी पर वी-केयर लैब में दुकानदारी चलाए जाने का आरोप है।रविन्द्र मेडिकल कॉलेज की ब्लड बैंक का कर्मचारी है। पिछले 7-8 माह से डेपुटेशन पर गंगाशहर अस्पताल में लगा हुआ था। यहीं से मरीज़ डायवर्ट करने का आरोप है। हालांकि यह मामला रिश्वतखोरी का है या नहीं, यह अभी जांच का विषय है, लेकिन भ्रष्टाचार होने की पुष्टि की जा रही है।