





Thar पोस्ट न्यूज। बीकानेर के देशनोक में आज भव्य शोभायात्रा निकाली। भक्तों का सैलाब उमड़ा। बीकानेर शहर में अनेक स्थानों पर गरबा डांस व धार्मिक अनुश्ठान चल रहे है। शांति बाल निकेतन गंगाशहर में युवतियों ने गरबा किया। अंसल सुशांत सिटी मे नवनिर्मित दुर्गा माता मंदिर मे गरबा डांस हुआ। यह प्रोग्राम तीन दिन तक चलेगा तथा नौ दिन तक दुर्गा सप्तशती पाठ भी किया रहा है। नवरात्रि में ‘नौ दिन, नौ स्वरूप, नौ दिन कन्या पूजन’ के तहत कन्या पूजन का आयोजन
बीकानेर। नवरात्रि पर वन्देमातरम मातृशक्ति टीम, बीकानेर द्वारा संचालित अनूठी पहल ‘नौ दिन, नौ स्वरूप, नौ दिन कन्या पूजन’ के अंतर्गत कन्या पूजन का आयोजन टीम के सदस्य नरसिंह भाटी के आवास पर किया गया।।इस अवसर पर विधि-विधान के साथ मां स्वरूपा कन्याओं का पूजन कर उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया गया। कन्याओं को श्रद्धापूर्वक भोजन एवं प्रसाद अर्पित किया गया।
















कन्या पूजन के उपरांत टीम के सभी सदस्यों ने भी प्रसाद ग्रहण किया।आयोजन में विजय कोचर, नरसिंह जी भाटी, मुकेश जोशी, कामिनी विमल भोजक मैया, गीता खड़खोदिया, सुधा आचार्य, जसोदा खत्री, इंदु वर्मा, राधा खत्री, सूरज राठौड़, श्रीकांता कोचर, संगीता उपाध्याय, सरोज भाटी सहित अन्य सदस्यों ने सहभागिता निभाई।
बीकानेर के बंगाली मंदिर में सप्तमी पर विशेष पूजा-अर्चना, मां दुर्गा की भक्ति में लीन हुआ बंगाली समुदाय कोलकाता से आए पंडित काजोल चक्रवर्ती ने विधि-विधान से करवाई पूजा, बांग्ला परिधान में सोलह शृंगार कर पहुंचीं महिलाएं; शाम को महाआरती के साथ होगा पारंपरिक धुनुची नृत्य
बीकानेर। बीकानेर में भी बंगाल की धार्मिक संस्कृति और परंपराओं का अनूठा नजारा देखने को मिल रहा है। शारदीय नवरात्र के अवसर पर बंगाली मंदिर में मां दुर्गा की सप्तमी पूजा श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ आयोजित की गई। मां दुर्गा की आराधना के लिए बंगाली समुदाय के लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया, जो दिनभर जारी रहा।
मां के दर्शन करने के लिए दूर-दराज से भी श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। पूजा-पाठ, शंख ध्वनि और मां दुर्गा के जयकारों से मंदिर परिसर भक्तिमय बना रहा।
सप्तमी पूजा के अवसर पर मंदिर में महिलाओं ने आकर्षक रंगोली सजाई। इसके बाद विधि-विधान से धार्मिक अनुष्ठान शुरू हुए।
कोलकाता से आए पंडित काजोल चक्रवर्ती ने पारंपरिक बंगाली रीति-रिवाजों के अनुसार मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करवाई। पूजा के दौरान चावल, बताशे, विभिन्न प्रकार के पुष्प और कमल के फूल अर्पित कर मां की आराधना की गई। श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के समक्ष शीश नवाकर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
बांग्ला परिधान में सोलह शृंगार कर पहुंचीं महिलाएं
सप्तमी पूजा के दौरान बंगाली समुदाय की महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। महिलाएं पारंपरिक बांग्ला परिधान पहनकर और सिर से पांव तक सोलह शृंगार कर मां दुर्गा की पूजा करने पहुंचीं। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं ने शंख बजाकर मां की आराधना की। ढोलक की थाप और भक्ति गीतों के बीच मां दुर्गा की आरती की गई। इस दौरान महिलाओं और श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव से पूजा-अर्चना में भाग लिया। सप्तमी पूजा के अवसर पर मंदिर में विशेष प्रसाद तैयार किया गया।
प्रसाद ग्रहण करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। बंगाली परंपरा के अनुसार आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में पूजा-अर्चना के साथ सामूहिक प्रसाद वितरण ने भी विशेष स्थान बनाया।
कोलकाता हादसे में मृतकों को दी श्रद्धांजलि
पूजा के दौरान कोलकाता के चोरबागान में हुए हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई। मंदिर में उपस्थित श्रद्धालुओं ने दो मिनट का मौन रखकर मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की ।महाआरती के साथ होगा पारंपरिक धुनुची नृत्य सप्तमी पूजा के अवसर पर शाम को महाआरती के साथ पारंपरिक धुनुची नृत्य का आयोजन किया जाएगा।
बंगाली दुर्गा पूजा की यह विशिष्ट परंपरा श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहती है। इस नृत्य में महिलाएं पारंपरिक तरीके से धुनुची लेकर मां दुर्गा के समक्ष नृत्य करती हैं और अपनी श्रद्धा प्रकट करती हैं। इस आयोजन में महिलाएं बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती हैं।
