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SAVE 20260519 221822 पूगल तहसील की दो जरूरतमंद बेटियों की शादी में घरेलू सामान व नकद सहायता Rajasthan News Portal बीकानेर अपडेट
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​Thar पोस्ट न्यूज। जमीअत उलमा-ए-हिन्द (बीकानेर) ने पेश की इंसानियत की मिसाल: भामाशाहों के सहयोग से जुटाया शादी का जरूरी सामान, समाज को दिया एकजुटता का संदेश। जमीअत उलमा-ए-हिन्द शाखा बीकानेर द्वारा अपनी सामाजिक खिदमत की परंपरा को जारी रखते हुए एक बार फिर इंसानियत और आपसी सहयोग की बेहतरीन मिसाल पेश की गई है। संस्था की ओर से ग्रामीण क्षेत्र की पूगल तहसील के एक जरूरतमंद पिता की दो बेटियों की शादी के लिए बड़े पैमाने पर घरेलू सामान और नकद राशि की सहायता प्रदान की गई है। जमीअत की इस मानवीय पहल से पीड़ित परिवार को बड़ी राहत मिली है।

जमीअत उलमा-ए-हिन्द शाखा बीकानेर के महासचिव मौलाना मोहम्मद इरशाद क़ासमी ने बताया कि जब इस जरूरतमंद परिवार की आर्थिक स्थिति और बेटियों की शादी की बात सामने आई, तो संस्था ने तुरंत सक्रियता दिखाई। जमीअत की ओर से शहर के भामाशाहों और समाज के जिम्मेदार व नेकदिल लोगों से सहयोग की विशेष अपील की गई थी।

मौलाना क़ासमी ने बताया कि अपील के बाद समाज के कई संवेदनशील लोग आगे आए और इस नेक कार्य में अपनी भागीदारी निभाई। किसी ने बर्तन सेट दिए, किसी ने अलमारी उपलब्ध करवाई, तो किसी ने पलंग, गद्दे और कूलर देकर बच्चियों के सुखद भविष्य के लिए अपना योगदान दिया।

दोनों बच्चियों के निकाह/शादी के सफर को आसान बनाने के लिए निम्नलिखित सामग्रियां सौंपी गईं:
​घरेलू सामान: 2 अलमारी, 2 बॉक्स, 2 पलंग, 2 गद्दे और 2 प्लास्टिक कूलर। आत्मनिर्भरता के लिए: 2 हाथ सिलाई मशीनें। बर्तन: 61-61 पीस के 2 भव्य बर्तन सेट।
​नकद सहायता: शादी की अन्य तात्कालिक जरूरतों को पूरा करने के लिए दोनों बच्चियों को 2100-2100 रुपए की नकद राशि भी भेंट की गई।

​महासचिव मौलाना इरशाद क़ासमी ने कहा कि जमीअत उलमा-ए-हिन्द (बीकानेर) इससे पहले भी कई जरूरतमंद और बेसहारा बच्चियों की शादियों में सहयोग करती रही है। उन्होंने कहा:
​”समाज के सहयोग और आपसी भागीदारी से ही गरीब और जरूरतमंद परिवारों की मुश्किलें आसान हो सकती हैं। संपन्न वर्ग को ऐसे कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए।”
​अंत में, संस्था ने इस मुहिम में सहयोग करने वाले सभी भामाशाहों और दानदाताओं का तहे दिल से शुक्रिया अदा किया।


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