





Thar पोस्ट। राजस्थान में अच्छी बारिश के लिए पक्षी संकेत देने लगे है। राज्य के ग्रामीण अंचलों में प्राचीन समय से मॉनसून की पहचान की जाती रही है। करौली जिले के खटनावली गांव से आई एक तस्वीर ने किसानों को गदगद कर दिया है. खेत में टिटहरी के चार अंडों को देखकर ग्रामीण इस साल बंपर बारिश और खुशहाली की उम्मीद लगा रहे हैं। ग्रामीण परंपरा में टिटहरी पक्षी को मानसून का सबसे सटीक मौसम वैज्ञानिक माना जाता है. किसान भागीरथ, घनश्याम और इन्दल ने बताया कि इस बार प्रकृति ने बेहद शुभ संकेत दिए है। टिटहरी जितने अंडे देती है, उतने महीने बारिश होती है टिटहरी ने चार अंडे दिए हैं, जो चार महीने के मानसून काल का प्रतीक हैं. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि चारों अंडों की नोक जमीन की तरफ है. बुजुर्गों के अनुसार, यह नियमित और जमकर बारिश होने का पक्का प्रमाण है. बुजुर्गों का कहना है कि टिटहरी की जीवनशैली अन्य पक्षियों से अलग है. यह पक्षी कभी पेड़ों पर नहीं बैठता, बल्कि खुले मैदानों और खेतों में ही रहता है. गर्मी के मौसम में यह खेतों में अंडे देता है. पूर्वजों के समय से ही किसान टिटहरी के अंडों की ऊंचाई और स्थिति देखकर अपनी खरीफ फसलों (जुताई और बीज) की तैयारी शुरू कर देते हैं. इस बार लोकमान्यता और मौसम विज्ञान, दोनों के अनुमान एक जैसे हैं।



मौसम विभाग (IMD) ने भी इस साल सामान्य से अच्छी बारिश की संभावना जताई है. जून महीने से मानसून के सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं.इन सुखद संकेतों के बाद राजस्थान के किसानों ने खेतों की जुताई और बीजों की व्यवस्था का काम तेज कर दिया है।